पीएफआई से जुड़े राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज

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पीएफआई से जुड़े राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज

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  • Publish Date - May 2, 2026 / 01:11 PM IST,
    Updated On - May 2, 2026 / 01:11 PM IST

कोच्चि, दो मई (भाषा) कोच्चि में एक विशेष अदालत ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़ी कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) मामले में जांच कर रहा है।

एनआईए मामलों के लिए विशेष अदालत के न्यायाधीश पी.के. मोहनदास ने 29 अप्रैल को पलक्कड़ के कोट्टानाडु निवासी शाहुल हमीद द्वारा दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया। शाहुल हमीद 2022 के उस मामले में 50वां आरोपी है जो पीएफआई की कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़ा है, जिसमें आरएसएस कार्यकर्ता श्रीनिवासन की हत्या भी शामिल है।

हमीद को एनआईए की कोच्चि इकाई ने 11 नवंबर, 2025 को गिरफ्तार किया था।

आरोपी के वकील ने दलील दी कि हमीद पर आरोप है कि उसने एक अन्य आरोपी को शरण दी थी और उस पर कोई गंभीर प्रत्यक्ष अपराध का मामला नहीं है, जिसके लिए उसे लंबी कैद की सजा दी जाए।

इस दलील का विरोध करते हुए एनआईए ने कहा कि हमीद पीएफआई का एक सक्रिय कार्यकर्ता रहा है जो जानबूझकर एक आतंकवादी गिरोह का सदस्य बना, जिसका गठन कथित तौर पर संगठन द्वारा आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए किया गया था।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि हमीद ने हत्या की साजिश रचने के लिए 16 अप्रैल, 2022 को पलक्कड़ के जिला अस्पताल के पीछे एक खाली प्लॉट पर हुई एक बैठक में हिस्सा लिया जहां श्रीनिवासन की हत्या की साजिश रची गई थी।

एनआईए ने आरोप लगाया कि हत्या के बाद उसने हमलावरों में से एक को अपने घर में पनाह दी थी।

दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि गवाहों के बयानों के अलावा, ऐसे सबूत भी मौजूद हैं जिनसे प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलता है कि याचिकाकर्ता ने अपराध को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

अदालत ने गौर किया कि हमीद द्वारा पहले दायर की गई इसी तरह की जमानत याचिका को विस्तृत विचार-विमर्श के बाद खारिज कर दिया गया था और तब से परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं आया है।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव