कलपक्कम रिएक्टर से जुड़ी उपलब्धि तीन दशकों के प्रयास का परिणाम: कांग्रेस

कलपक्कम रिएक्टर से जुड़ी उपलब्धि तीन दशकों के प्रयास का परिणाम: कांग्रेस

कलपक्कम रिएक्टर से जुड़ी उपलब्धि तीन दशकों के प्रयास का परिणाम: कांग्रेस
Modified Date: April 7, 2026 / 05:30 pm IST
Published Date: April 7, 2026 5:30 pm IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने कलपक्कम में स्वदेश निर्मित ‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल करने पर मंगलवार को कहा कि यह तीन दशकों से अधिक के प्रयास का परिणाम है और बेहतर होता कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की इस शानदार उपलब्धि को शासन से संबंधित निरंतरता के रूप में स्वीकार करते।

‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल करने का अर्थ यह होता है कि रिएक्टर ने एक स्व-संचालित और नियंत्रित परमाणु शृंखला प्रतिक्रिया शुरू कर दी है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि रिएक्टर देश के परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान की ओर से तीन दशकों से अधिक के समय के समर्पित, दृढ़ और अनुशासित प्रयास का परिणाम है, जिसकी नींव भाभा-नेहरू की जोड़ी और कई अन्य प्रतिष्ठित परमाणु वैज्ञानिकों ने रखी थी।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘कलपक्कम में 500 मेगावाट का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने कल ‘क्रिटिकल’ वाली स्थिति हासिल कर ली। रूस के अलावा भारत एकमात्र देश है, जिसके पास वाणिज्यिक फास्ट ब्रीडर होंगे, जो हमारे विशाल थोरियम भंडार के उपयोग को सक्षम बनाएंगे।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह रिएक्टर हमारे परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान की ओर से तीन दशकों से अधिक के समर्पित, दृढ़ और अनुशासित प्रयास का परिणाम है, जिसकी नींव भाभा-नेहरू की जोड़ी और बाद में आए कई अन्य प्रतिष्ठित परमाणु वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों ने रखी थी।’’

रमेश ने अपनी 2008 की कलपक्कम यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘‘मुझे जुलाई 2008 में कलपक्कम की अपनी यात्रा और डॉ. बलदेव राज एवं उनकी टीम के साथ हुई बातचीत अच्छी तरह से याद है। वह सबसे प्रेरणादायक सुबह थी। प्रधानमंत्री के लिए यह उचित होता कि वह अपने पोस्ट में इस शानदार उपलब्धि में निरंतरता को स्वीकार करते।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा था कि भारत ने अपनी असैन्य परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम उठाया है, क्योंकि कलपक्कम में स्वदेश निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल कर ली है।

भाषा हक हक सुरेश

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