अधिवक्ता मुवक्किलों के मामलों के लिए आरटीआई के तहत सूचनाएं नहीं मांग सकते : सीआईसी
अधिवक्ता मुवक्किलों के मामलों के लिए आरटीआई के तहत सूचनाएं नहीं मांग सकते : सीआईसी
नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने व्यवस्था दी है कि अधिवक्ता अपने मुवक्किलों के लिए मामले से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
सीआईसी ने टिप्पणी की कि यह परिपाटी पारदर्शिता कानून के मूल उद्देश्यों को विफल कर देगा।
आयोग ने इसी के साथ हरियाणा के जवाहर नवोदय विद्यालय में फलों और सब्जियों की आपूर्ति के अनुबंध को समाप्त करने संबंधित विवाद में एक अधिवक्ता द्वारा दायर दूसरी अपील खारिज कर दी।
सूचना आयुक्त सुधा रानी रेलंगी ने कहा कि अपीलकर्ता ने ‘‘अपने भाई की ओर से जानकारी मांगी थी, जो प्रतिवादी सार्वजनिक प्राधिकरण को सब्जियों/फलों का आपूर्तिकर्ता हुआ करता था’’।
आयोग ने कहा कि इस बात का कोई स्पष्टीकरण न होने के कारण कि आपूर्तिकर्ता स्वयं जानकारी क्यों नहीं मांग सकता, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि अपीलकर्ता ने अपने मुवक्किल की ओर से जानकारी मांगी है, जो कि अनुमेय नहीं है’’।
सीआईसी ने मद्रास उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए रेखांकित किया, ‘‘वकालत करने वाला वकील अपने मुवक्किल की ओर से उसके द्वारा दायर किए गए मामलों से संबंधित जानकारी नहीं मांग सकता है’’।
उच्च न्यायालय ने चेतावनी दी थी कि अन्यथा, ‘‘प्रत्येक अधिवक्ता अपने मुवक्किल की ओर से सूचना प्राप्त करने के लिए सूचना अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का सहारा लेगा’’, जो ‘‘सूचना अधिकार अधिनियम’ की योजना के उद्देश्यों को अनुरूप नहीं होगा।’’
भाषा धीरज संतोष
संतोष

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