पंजाब के बाद, उप्र के मंदिर को भी ‘असमय’ रथ यात्रा निकालने से रोका गया

पंजाब के बाद, उप्र के मंदिर को भी ‘असमय’ रथ यात्रा निकालने से रोका गया

पंजाब के बाद, उप्र के मंदिर को भी ‘असमय’ रथ यात्रा निकालने से रोका गया
Modified Date: May 25, 2026 / 01:17 pm IST
Published Date: May 25, 2026 1:17 pm IST

पुरी (ओडिशा), 25 मई (भाषा) पुरी के जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिला प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वार्षिक रथयात्रा केवल तिथि के अनुसार यानी 16 जुलाई को निकाली जाएगी, उससे पहले नहीं।

यह घटनाक्रम श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) की ओर से हापुड़ की एक धार्मिक संस्था के 16 जून को रथयात्रा निकालने के फैसले पर आपत्ति जताए जाने के बाद सामने आया।

इससे एक दिन पहले पंजाब के फिरोजपुर जिला प्रशासन ने भी ‘असमय’ रथयात्रा निकालने की कोशिश रोक दी।

मंदिर प्रशासन ने रविवार को जारी बयान में कहा कि हापुड़ की एक संस्था 16 जून को रथयात्रा निकालने की योजना बना रही थी, जबकि इस वर्ष यह पवित्र आयोजन पुरी के मुख्य मंदिर की निर्धारित तिथि के अनुसार 16 जुलाई को किया जाएगा।

मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बयान में कहा, ‘‘इस असंगति को लेकर हमने हापुड़ जिलाधिकारी को पत्र लिखा और अनुरोध किया कि परंपरा और धर्मशास्त्र के अनुसार यह उत्सव मनाया जाए।’’

पाढ़ी ने कहा कि जिलाधिकारी ने पत्र के जरिए मंदिर प्रशासन को सूचित किया है कि जून में रथयात्रा नहीं निकाली जाएगी और आयोजकों को मूल तिथि जुलाई में रथयात्रा निकालने की सलाह दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम हापुड़ की जिलाधिकारी कविता मीणा और पूरे हापुड़ जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस पवित्र परंपरा की मर्यादा बनाए रखने के लिए समय पर हस्तक्षेप किया।’’

इस महीने की शुरुआत में मंदिर प्रशासन ने पंजाब के फिरोजपुर जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की थी, ताकि 23 मई को ‘असमय’ रथयात्रा न निकाली जाए।

उनका कहना था कि यह धर्मग्रंथों का उल्लंघन है और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। फिरोजपुर जिला प्रशासन ने भी हस्तक्षेप किया और मंदिर प्रशासन को आश्वस्त किया कि आयोजक अपनी योजना टालने पर राजी हो गए हैं और 16 जुलाई की सुझाई गई तिथि पर रथयात्रा निकालेंगे।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा


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