संभाजीनगर में शिवसेना (उबाठा) की हार के बाद खैरे ने अंबादास दानवे पर निशाना साधा

संभाजीनगर में शिवसेना (उबाठा) की हार के बाद खैरे ने अंबादास दानवे पर निशाना साधा

संभाजीनगर में शिवसेना (उबाठा) की हार के बाद खैरे ने अंबादास दानवे पर निशाना साधा
Modified Date: January 17, 2026 / 07:36 pm IST
Published Date: January 17, 2026 7:36 pm IST

छत्रपति संभाजीगनर, 17 जनवरी (भाषा) छत्रपति संभाजीनगर नगर महानगरपालिका चुनाव में शिवसेना (उबाठा) के खराब प्रदर्शन के एक दिन बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे ने पार्टी नेता अंबादास दानवे पर निशाना साधा और उन पर दलबदल की घटनाओं के बीच कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए फोन का जवाब नहीं देने का आरोप लगाया।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने शहर के 115 वार्डों में से 97 वार्डों में चुनाव लड़ा लेकिन केवल छह में जीत हासिल की।

शिवसेना के पूर्व सांसद खैरे ने कहा, ‘यह बहुत दुखद है क्योंकि महानगरपालिका वह क्षेत्र है जहां अब तक हमारा दबदबा था, हम हार गए। इसके कई कारण हैं। हमारे लोग आखिरी समय तक दूसरी पार्टियों में शामिल होते रहे, जिससे श्रमबल संकट उत्पन्न हो गया। हमारे खिलाफ आर्थिक रूप से सशक्त दो पार्टियां थीं। ईमानदारी से काम करने के बावजूद हमें सिर्फ छह सीटें मिलीं।’

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खैरे ने दावा किया, “मुझे नहीं पता कि अंबादास दानवे पिछले चार-पांच दिनों से कहां थे। उन्होंने लोगों से मुलाकात नहीं की और न ही मेरे, अन्य नेताओं तथा उम्मीदवारों द्वारा किए गए फोन का जवाब दिया। इसका मतलब है कि उन्होंने चुनावों को लेकर गंभीरता से योजना तैयार नहीं की। उन्होंने अकेले काम किया और हमें कोई काम नहीं करने दिया।”

दानवे की प्रतिक्रिया तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी।

खैरे ने कहा कि भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना आर्थिक रूप से मजबूत थीं।

उन्होंने पार्टी में पूर्व मेयर राशिद मामू को शामिल किए जाने को भी इन परिणामों के जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वह शुरू से ही इसके खिलाफ थे।

शुक्रवार को घोषित चुनाव परिणामों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने 57 सीटें जीतीं, जबकि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) 33 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश


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