अपील की वित्तीय सीमा बढ़ाने के बाद विवादित कर मांग में करीब 16,690 करोड़ रुपये की कमी आई
अपील की वित्तीय सीमा बढ़ाने के बाद विवादित कर मांग में करीब 16,690 करोड़ रुपये की कमी आई
नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में कर विवाद संबंधी अपीलें दायर करने के लिए वित्तीय सीमा बढ़ाने से विवादित कर मांग में करीब 16,690 करोड़ रुपये की कमी आई है। यह जानकारी सोमवार को लोकसभा को दी गई।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 17 सितंबर, 2024 से विभागीय अपीलें दायर करने के लिए बढ़ी हुई वित्तीय सीमा के कारण वापस लिए गए/दाखिल नहीं किए गए कुल मामलों की जानकारी दी और विवादित कर मांग में अनुमानित कमी की जानकारी दी।
उत्तर के अनुसार वित्तीय सीमा बढ़ाने के बाद करीब 443 मामले वापस ले लिए गए और आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) के सामने 11,390 अपील दाखिल नहीं की गईं। आईटीएटी में विवादित कर मांग में कुल अनुमानित कमी 3,662.82 करोड़ रुपये थी।
इसी तरह, 4,791 मामले वापस लिए गए और उच्च न्यायालयों के सामने 5,565 अपील दाखिल नहीं की गईं। विवादित मांग में अनुमानित 9,218.71 करोड़ रुपये की कमी आई।
उच्चतम न्यायालय में 744 मामले वापस ले लिए गए और 534 मामलों में अपील दायर नहीं की गई। इसके परिणामस्वरूप विवादित कर मांग में अनुमानित 3,807.15 करोड़ रुपये की कमी आई।
कुल मिलाकर, आईटीएटी, उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में विवादित कर मांग में कुल अनुमानित कमी 16,690 करोड़ रुपये थी।
भाषा वैभव अविनाश
अविनाश

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