एनएसयूआई ने पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ मार्च निकाला, अमित शाह के इस्तीफे की मांग की
एनएसयूआई ने पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ मार्च निकाला, अमित शाह के इस्तीफे की मांग की
नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने 20 जुलाई को हुए “संसद चलो” मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई – जिसमें पैलेट गन का इस्तेमाल भी शामिल था – के विरोध में जंतर-मंतर तक “स्टूडेंट्स जस्टिस मार्च” निकाला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस के आधिकारिक छात्र संगठन एनएसयूआई ने कहा कि उसके सदस्यों को विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचने से पहले ही एक गोलचक्कर पर रोक दिया गया।
उसने कहा कि रायसीना रोड पर भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के दफ्तर से जंतर-मंतर की ओर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए मार्च शुरू करने के बाद उनके लगभग 10 से 12 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
मार्च से पहले लोगों को संबोधित करते हुए, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सवाल किया कि छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया और जवाबदेही की मांग की।
जाखड़ ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह बताना चाहिए कि इस कार्रवाई की मंजूरी किसने दी थी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, चाहे यह कार्रवाई गृह मंत्री के निर्देश पर की गई हो या उनकी जानकारी के बिना।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बताया कि सुबह से ही संगठन के कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात था और आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता मार्च के लिए इकट्ठा हुए, तो वहां द्रुत कार्य बल (आरएएफ) के जवान और हिरासत में लिये गए लोगों को ले जाने के लिये बसें तैनात थीं।
नयी दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के “संसद चलो” विरोध मार्च के दौरान हुई हिंसा में वरिष्ठ अधिकारियों और कई महिला अधिकारियों समेत 118 पुलिसकर्मी और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे।
भाषा
प्रशांत नरेश
नरेश

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