डीयू महिला छात्रावास की छात्राओं के धरने के बाद प्रशासन ने मांगें स्वीकार कीं
डीयू महिला छात्रावास की छात्राओं के धरने के बाद प्रशासन ने मांगें स्वीकार कीं
नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के महिला छात्रावास (यूएचडब्ल्यू) में रहने वाली छात्राओं का बृहस्पतिवार रात शुरू हुआ धरना प्रदर्शन शुक्रवार को रंग लाया। छात्रावास प्रशासन ने छात्राओं की मांगें मानते हुए न केवल वहां रुकने की समयसीमा को 30 जून तक बढ़ा दिया, बल्कि बुनियादी सुविधाएं जल्द बहाल करने का भरोसा भी दिया।
छात्राओं के अनुसार, प्रदर्शन पेयजल की किल्लत, खराब एयर कंडीशनर (एसी) और हॉस्टल में रहने के नियमों से जुड़ी चिंताओं की वजह से हुआ।
यूएचडब्ल्यू रेजिडेंट्स एसोसिएशन की एक सदस्य ने कहा कि अंतिम वर्ष की कई छात्राएं जून के अंत में होने वाली नेट परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं भी जारी हैं।
छात्रा ने कहा, “छात्रावास का जून तक का शुल्क चुकाने के बावजूद, छात्राओं से कहा गया कि परीक्षा के बाद सात दिन से अधिक रुकने पर उन्हें प्रतिदिन 450 रुपये देने होंगे।”
उसने कहा कि पेयजल की किल्लत और मेस में खराब एयर कंडीशनर जैसी समस्याओं को लेकर 16 मई को भी प्रदर्शन हुआ था।
छात्रा ने कहा, “हमें मौखिक रूप से आश्वासन दिया गया था कि सात दिन के भीतर समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई।”
छात्रावास में रहने वाली एक अन्य छात्रा अंशिका कुमारी ने बताया कि छात्र कई महीनों से अनियमित जल आपूर्ति, खराब गुणवत्ता वाले पेयजल और ‘रीडिंग रूम’ में बैठने की अपर्याप्त व्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
उसने कहा, ‘‘गर्मी चरम पर है और मेस के एसी अब भी काम नहीं कर रहे हैं।’’
बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन तड़के तक जारी रहा, जिसमें छात्राओं ने प्रशासन से लिखित आश्वासन मांगा।
वहीं, एक अन्य छात्रा ने कहा, ‘‘हमने आदेश मिलने तक वहां से हटने से इनकार कर दिया। आखिरकार तड़के करीब साढ़े तीन बजे हमें लिखित आश्वासन मिल गया।’’
रेजिडेंट ट्यूटर एवं वार्डन द्वारा हस्ताक्षरित आधिकारिक नोटिस के अनुसार, अंतिम वर्ष की छात्राओं को 30 जून, 2026 तक रहने की अनुमति दी जाएगी।
नोटिस में यह भी कहा गया कि छात्रावास में रह रही छात्राओं द्वारा उठाए गए अन्य मुद्दे, जिनमें रीडिंग रूम में कुर्सियां लगाना और मेस में कूलर की व्यवस्था करना शामिल है, पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उनका जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।
छात्राओं ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक रीडिंग रूम में अतिरिक्त कुर्सियां लगा दी गईं और एयर कंडीशनर की मरम्मत होने तक मेस में कूलर की सुविधा उपलब्ध करा दी गई।
इस बीच, वामपंथी छात्र संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) ने एक बयान में विरोध कर रही छात्राओं की प्रशंसा की।
भाषा राखी नेत्रपाल
नेत्रपाल

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