गुजरात में निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने पुलिस पर पार्टी उम्मीदवारों को डराने-धमकाने का लगाया आरोप
गुजरात में निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने पुलिस पर पार्टी उम्मीदवारों को डराने-धमकाने का लगाया आरोप
अहमदाबाद, 14 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की गुजरात इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त मुरली कृष्णा से मुलाकात की और पुलिस पर स्थानीय निकाय चुनाव से पहले विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाने का आरोप लगाते हुए उन्हें एक ज्ञापन सौंपा तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए उनसे हस्तक्षेप की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद, पुलिस ‘‘सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर कांग्रेस उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र को वापस लेने के लिए धमका रही है।’’ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने गांधीनगर में कृष्णा से मुलाकात की।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, स्थानीय स्वशासन निकाय चुनावों में भाग लेने वाले उम्मीदवार 15 अप्रैल तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। मतदान 26 अप्रैल को होगा और मतों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।
ये चुनाव 34 जिला पंचायतों, 260 तालुका पंचायतों, 84 नगरपालिकाओं और अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट समेत 15 नगर निगमों में होंगे। यह राज्य के सबसे बड़े चुनावों में से एक होगा।
कांग्रेस के ज्ञापन में कहा गया है, ‘‘ राज्य के पुलिस विभाग की भूमिका अत्यंत संदिग्ध और लोकतंत्र विरोधी प्रतीत होती है।’’
पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ‘भाजपा के इशारे पर’ काम कर रही है।
विपक्षी दल ने कहा कि उसे राज्य के विभिन्न हिस्सों से अपने उम्मीदवारों से ‘गंभीर शिकायतें’ मिल रही हैं ।
उसने अपने आरोपों के समर्थन में कई उदाहरण प्रस्तुत किए। ज्ञापन के अनुसार, गांधीनगर जिले में कलोत तालुका के सांतेज थाने एवं स्थानीय अपराध शाखा के कर्मी कांग्रेस प्रत्याशियों को धमका रहे हैं और उम्मीदवारी वापस लेने की धमकी दे रहे हैं।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप

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