एएचपीआई सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत, मरीजों की बढ़ती अपेक्षाओं पर होगी चर्चा

एएचपीआई सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत, मरीजों की बढ़ती अपेक्षाओं पर होगी चर्चा

एएचपीआई सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत, मरीजों की बढ़ती अपेक्षाओं पर होगी चर्चा
Modified Date: September 16, 2026 / 02:54 pm IST
Published Date: September 16, 2026 2:54 pm IST

जयपुर, 16 सितंबर (भाषा) ‘एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया’ (एएचपीआई) की ओर से यहां 18 और 19 सितंबर को चौथा ‘एएचपीआई राष्ट्रीय नेतृत्व सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आयोजकों के अनुसार, यहां होटल मैरियट में आयोजित होने वाले सम्मेलन की थीम ‘‘सतत स्वास्थ्य सेवा नेतृत्व : गुणवत्ता, लागत और विश्वास के बीच संतुलन’’ है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. विकास स्वर्णकार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत, दक्ष मानव संसाधन की कमी, बदलती प्रौद्योगिकी, मरीजों की बढ़ती अपेक्षाओं और स्वास्थ्य संस्थानों में विश्वास बनाए रखने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य नेतृत्व को केवल संस्थान के विस्तार तक सीमित नहीं रखा जा सकता और गुणवत्तापूर्ण उपचार, वहनीयता तथा मरीजों के विश्वास के बीच संतुलन जरूरी है।

स्वर्णकार ने कहा कि निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान होने वाले खर्च को लेकर मरीजों और अस्पतालों के बीच पैदा होने वाले अविश्वास को दूर करने के लिए लागत में पारदर्शिता पर भी चर्चा की जाएगी।

सम्मेलन से जुड़े एक पदाधिकारी ने कहा कि आज प्रौद्योगिकी के माध्यम से अलग-अलग अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं और उनकी लागत की जानकारी हासिल करना संभव है। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में मरीजों और चिकित्सा व्यवस्था के बीच विश्वास की कमी देखने को मिली है।

स्वर्णकार ने बताया कि 18 सितंबर को होने वाले उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ मुख्य अतिथि होंगे। राजस्थान के चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ विशिष्ट अतिथि होंगी। भारतीय चिकित्सा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राजस्थान अस्पताल के चेयरमैन डॉ. एस. एस. अग्रवाल तथा सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी विशेष अतिथि होंगे।

आयोजन संयोजक डॉ. अशोक खंडाका ने कहा, “मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना ही अंतिम उद्देश्य है। ऐसे मंच हमें चुनौतियों को समझने, अनुभव साझा करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का अवसर देते हैं, जिनसे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।”

वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.सी. पारीक ने बताया कि सम्मेलन में मानव संसाधन, अस्पताल संचालन, डिजिटल स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सुरक्षा, मरीजों का विश्वास और नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।

पारीक ने कहा कि पहले सत्र में मानव संसाधन तथा अस्पतालों में दक्ष कर्मियों की उपलब्धता और उन्हें बनाए रखने के उपायों पर चर्चा होगी। इसमें एएचपीआई के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एन. के. परमार सहित अन्य विशेषज्ञ भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि 19 सितंबर को समापन सत्र में भारत की दीर्घकालीन स्वास्थ्य दृष्टि पर चर्चा होगी। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि होंगे, जबकि नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ‘विकसित भारत 2047 के लिए दृष्टि’ विषय पर संबोधन देंगे।

भाषा

बाकोलिया सुभाष

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