एनडीएमसी ने कनॉट प्लेस के आसपास शाम 6.30 बजे के बाद रेहड़ी-पटरी पर रोक लगाई

एनडीएमसी ने कनॉट प्लेस के आसपास शाम 6.30 बजे के बाद रेहड़ी-पटरी पर रोक लगाई

एनडीएमसी ने कनॉट प्लेस के आसपास शाम 6.30 बजे के बाद रेहड़ी-पटरी पर रोक लगाई
Modified Date: September 16, 2026 / 03:03 pm IST
Published Date: September 16, 2026 3:03 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने ‘नो-वेंडिंग जोन’ में लगातार अतिक्रमण रोधी अभियान चलाने का आदेश दिया और अधिकारियों को अनधिकृत रेहड़ी-पटरी लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, लुटियंस दिल्ली के अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में निर्धारित समय शाम 6.30 बजे के बाद रेहड़ी-पटरी लगाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाजार, रीगल, रिवोली, हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास विशेष निगरानी एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।

इन क्षेत्रों में रेहड़ी-पटरी लगाने वालों का सख्त सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में यातायात और आवागमन को सुगम बनाने के लिए 14 सितंबर को संयुक्त निदेशक (प्रवर्तन-उत्तर) के साथ हुई बैठक में निर्देश जारी किए गए थे।

क्षेत्रीय निरीक्षकों को प्रवर्तन गतिविधियों की समीक्षा करने और अतिक्रमण तथा अनधिकृत रेहड़ी-पटरी लगाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया, “रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को निर्देश दिया गया है कि वे ‘नो-वेंडिंग जोन’ या निर्धारित समय के बाद रेहड़ी-पटरी न लगाएं। निर्धारित समय सूर्यास्त या शाम 6.30 बजे तक है। इसके बाद उन्हें उस स्थल से अपना सामान हटाना होगा।”

उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय निरीक्षकों को संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और नियमित रूप से मौके पर जाकर निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि हटाए जाने के बाद अगर दोबारा अतिक्रमण किया जाता है तो नियमों के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया, “आवंटित स्थल को किसी भी तरह से नहीं ढकना है, न ही तिरपाल या फिर मोमजामा या ढांचा लगाने की अनुमति है।”

आदेश में यह भी बताया गया कि रेहड़ी-पटरी वालों को स्थलों पर फोटो सहित अपने तहबाजारी प्रमाणपत्र प्रदर्शित करने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि स्टॉल, ठेले और सामान आवंटित क्षेत्र से बाहर न फैलें।

उन्हें पैदल चालकों और यातायात के लिए फुटपाथ तथा सड़कों को खाली रखने व अपने आवंटित स्थलों पर तिरपाल या अन्य ढांचे नहीं लगाने के लिए भी कहा।

निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने पर रेहड़ी-पटरी लगाने का प्रमाणपत्र निलंबित या रद्द किए जा सकता है।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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