अदालत ने तमिलनाडु की दो विधानसभा सीट पर उपचुनाव पर रोक लगाने से इनकार किया
अदालत ने तमिलनाडु की दो विधानसभा सीट पर उपचुनाव पर रोक लगाने से इनकार किया
चेन्नई, 16 सितंबर (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने मदुरंथकम (सुरक्षित) और धारापुरम (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव पर रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति एस. एम. सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति कृष्णनस्वामी गोविंदराजन की खंडपीठ ने अधिवक्ता के. सुथन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से चुनाव पर रोक लगाने से इनकार किया।
महाधिवक्ता विजय नारायण ने अदालत को बताया कि इसी विषय से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एस. ए. धर्माधिकारी की अध्यक्षता वाली प्रथम पीठ कर रही है और उसने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसके बाद अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इस याचिका को भी 18 सितंबर को प्रथम पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
ये उपचुनाव तत्कालीन ऑल इंडिया अन्ना द्रविड मुनेत्र कषगम (अन्ना द्रमुक) विधायकों के. मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई सीट पर हो रहे हैं। दोनों ने सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल होने से पहले अपने पदों से इस्तीफा दिया था।
पार्टी संस्थापक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दोनों को उन्हीं विधानसभा सीटों से दोबारा उम्मीदवार बनाया है।
सुथन ने अपनी याचिका में भारत निर्वाचन आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सत्यबामा और कुमारवेल के नामांकन पत्र स्वीकार करने से रोकने का निर्देश देने की मांग की थी।
उन्होंने यह भी मांग की कि यदि इस्तीफा देने वाले अन्ना द्रमुक के विधायक आगामी उपचुनावों में दोबारा चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो नामांकन दाखिल करने से पहले उनसे संबंधित विधानसभा क्षेत्र के लिए आयोग द्वारा तय ‘‘चुनावी खर्च सुरक्षा राशि’’ जमा कराई जाए।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा

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