संकाय पदोन्नति से जुड़े आरटीआई आवेदन पर ‍एम्स को नये सिरे से विस्तृत जवाब देने का निर्देश

संकाय पदोन्नति से जुड़े आरटीआई आवेदन पर ‍एम्स को नये सिरे से विस्तृत जवाब देने का निर्देश

संकाय पदोन्नति से जुड़े आरटीआई आवेदन पर ‍एम्स को नये सिरे से विस्तृत जवाब देने का निर्देश
Modified Date: April 22, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: April 22, 2026 7:40 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में संकाय पदोन्नति से संबंधित विवरण प्रदान करने के लिए दायर किये गये आरटीआई आवेदन के जवाब में दी गई जानकारी में मौजूद कमियों को उजागर किया।

आयोग ने एम्स को उक्त आरटीआई आवेदन का नये सिरे से विस्तृत जवाब देने का निर्देश भी दिया।

आयोग ने कहा कि अगर कोई प्रासंगिक रिकॉर्ड नहीं मिलता तो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) को उनकी अनुपलब्धता की पुष्टि करते हुए एक हलफनामा दाखिल करना होगा और उन मामलों में जहां रिकॉर्ड को प्रतिधारण नीति के तहत हटा दिया गया है, उनमें रिकॉर्ड प्रतिधारण अनुसूची के साथ-साथ संबंधित रिकॉर्ड को नष्ट किए जाने का प्रमाण भी पेश करना होगा।

आयोग ने मरूफ अहमद खान नाम के व्यक्ति की अपील पर यह आदेश दिया।

मरूफ ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत दायर आवेदन में एम्स दिल्ली से मूल्यांकन पदोन्नति योजना (एपीएस) के तहत जैव सांख्यिकी के प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के लिए विचाराधीन उम्मीदवारों के तुलनात्मक मूल्यांकन संबंधी डेटा, चयन समिति की बैठकों का विवरण, नोट शीट और ग्रेड शीट सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता ने दलील दी कि प्रलेखन शुल्क के रूप में 872 रुपये का भुगतान करने के बावजूद “गलत और अधूरी जानकारी” प्रदान की गई, खास तौर पर मूल्यांकन मानदंड, उम्मीदवारों की ग्रेडिंग और तुलनात्मक मूल्यांकन से संबंधित प्रमुख बिंदुओं पर।

वहीं, एम्स ने अपने जवाब में कहा कि निदेशक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चयन समिति के अलग-अलग सदस्यों की ग्रेड शीट सहित कुछ दस्तावेज “रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं थे।”

एम्स ने भरोसा दिलाया कि बाकी बिंदुओं पर संशोधित जवाब जल्द प्रदान किया जाएगा।

भाषा पारुल जितेंद्र

जितेंद्र


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