AIMIM Owaisi on Delimitation: ‘दक्षिण भारत’ को सजा दे रही है दिल्ली की मोदी सरकार!.. AIMIM चीफ ओवैसी ने आखिर क्यों जताई ये बड़ी आशंका?.. आप भी जानें

AIMIM Chief Owaisi Speech on Delimitation: ओवैसी ने परिसीमन विधेयक पर जताई चिंता, कहा दक्षिण भारत को नुकसान पहुंचा सकती है नई नीति

AIMIM Owaisi on Delimitation: ‘दक्षिण भारत’ को सजा दे रही है दिल्ली की मोदी सरकार!.. AIMIM चीफ ओवैसी ने आखिर क्यों जताई ये बड़ी आशंका?.. आप भी जानें

AIMIM Chief Owaisi Speech on Delimitation || Image- ANI News File

Modified Date: April 17, 2026 / 08:14 am IST
Published Date: April 17, 2026 8:14 am IST
HIGHLIGHTS
  • ओवैसी ने परिसीमन विधेयक को दक्षिण भारत के खिलाफ बताया
  • जनसंख्या आधारित सीट बंटवारे पर उठाए गंभीर सवाल
  • अमित शाह ने कहा दक्षिण को कोई नुकसान नहीं होगा

नई दिल्ली गुरुवार को संसद के विशेष सत्र के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक को पेश किए जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। (AIMIM Chief Owaisi Speech on Delimitation) इस मुद्दे पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि, “अगर ये तीनों विधेयक कानून बन गए, तो इस सदन में विपक्ष की आवाज पूरी तरह से दब जाएगी। अगर आप इस संविधान संशोधन विधेयक को परिसीमन विधेयक के साथ पढ़ें, तो पता चलेगा कि सीटों का आवंटन जनसंख्या के आधार पर होगा। अधिक जनसंख्या वाले राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी, जबकि कम जनसंख्या वाले राज्यों को कम।”

ओवैसी ने गिनाया ‘साऊथ इंडिया’ का योगदान

ओवैसी ने आशंका जताते हुए आगे कहा कि, “परिसीमन हर 10 साल में नहीं होगा। यह जनगणना पर आधारित नहीं होगा। बल्कि, सरकार तय करेगी कि परिसीमन होगा या नहीं। हकीकत यह होगी कि उत्तर, दक्षिण पर शासन करेगा, उत्तर खर्च करेगा और दक्षिण सहायता देगा। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में दक्षिणी राज्यों का योगदान 30 प्रतिशत है और देश के कर राजस्व का 21 प्रतिशत दक्षिण से आता है। सुशासन के लिए दक्षिण को दंडित किया जा रहा है।”

परिसीमन के बाद होगी लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी

संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 को शुक्रवार के सुबह लोकसभा में पेश किया गया और विचार-विमर्श के लिए रखा गया। (AIMIM Chief Owaisi Speech on Delimitation) सरकार का इरादा लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का है।

परिसीमन विधेयक में लोकसभा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीटों के आवंटन के पुनर्समायोजन, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की विधान सभाओं में सीटों की कुल संख्या, और लोकसभा तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधान सभाओं के चुनावों के लिए प्रत्येक राज्य और प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश को क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित करने का प्रावधान है।

अमित शाह का आश्वासन, नहीं होगा भेदभाव

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि परिसीमन विधेयक, 2026, दक्षिणी राज्यों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा बल्कि वास्तव में उन्हें लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि 50% की वृद्धि के मॉडल के तहत, लोकसभा में वर्तमान 543 सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी, जिससे सभी दक्षिणी राज्यों के लिए सीटों की संख्या में वृद्धि होगी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि लोकसभा में दक्षिणी राज्यों की मौजूदा 129 सीटें बढ़कर 195 हो जाएंगी और सदन की कुल सीटों में उनका हिस्सा लगभग 24 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहेगा। अमित शाह ने कहा कि वर्तमान में 543 सदस्यों वाली लोकसभा में कर्नाटक के 28 सदस्य हैं, जो कुल सीटों का लगभग 5.15 प्रतिशत है। (AIMIM Chief Owaisi Speech on Delimitation) प्रस्तावित विधेयकों और संवैधानिक संशोधन के पारित होने के बाद कर्नाटक की सीटों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी। ऐसे में 816 सदस्यों वाली लोकसभा में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व लगभग 5.14 प्रतिशत ही रहेगा; इसलिए कर्नाटक को कोई नुकसान नहीं होगा।

उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि, “तमिलनाडु में 49 सीटें हैं, जो 7.18 प्रतिशत हैं। विधेयक पारित होने के बाद सांसदों की संख्या 59 हो जाएगी और 816 सदस्यों वाले नए सदन में उनका प्रतिशत 7.23 प्रतिशत होगा। तमिलनाडु को कोई नुकसान नहीं होगा। केरल में 20 सीटें हैं, जो 3.68 प्रतिशत हैं। विधेयक पारित होने के बाद सांसदों की संख्या 30 हो जाएगी और नए सदन में उनका प्रतिशत 3.67 प्रतिशत होगा।”

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