‘झूठे आरोप’ लगाने के लिए हिमंत पर एक रुपये का मानहानि का वाद दायर करेंगी एजेपी उम्मीदवार की मां

'झूठे आरोप' लगाने के लिए हिमंत पर एक रुपये का मानहानि का वाद दायर करेंगी एजेपी उम्मीदवार की मां

‘झूठे आरोप’ लगाने के लिए हिमंत पर एक रुपये का मानहानि का वाद दायर करेंगी एजेपी उम्मीदवार की मां
Modified Date: May 12, 2026 / 11:24 pm IST
Published Date: May 12, 2026 11:24 pm IST

गुवाहाटी, 12 मई (भाषा) असम में विपक्षी दल असम जातीय परिषद (एजेपी) की नेता कुन्की चौधरी की मां ने मंगलवार को कहा कि वह विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके खिलाफ कुछ ‘झूठे आरोप’ लगाने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ एक रुपये का मानहानि का वाद दायर करेंगी।

सुजाता गुरुंग चौधरी ने शर्मा से सार्वजनिक माफी की भी मांग की, जिन्होंने आज ही दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

इस मामले पर शर्मा या भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

सुजाता ने ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक खुले पत्र में खुद को एक ‘‘आम महिला बताया, जिसका नाम आपने (शर्मा) अपने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार लिया।’’

उन्होंने शर्मा पर दुर्भावनापूर्ण इरादे से उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाने का भी आरोप लगाया, जिसके कारण सार्वजनिक रूप से उनकी छवि धूमिल हुई और उनके परिवार की जान भी खतरे में पड़ी।

उन्होंने कहा, ‘‘माननीय मुख्यमंत्री महोदय, कृपया ध्यान दें कि आपके मानहानि के वाद में आपको केवल 1.00 रुपये (एक रुपया मात्र) का हर्जाना देना होगा और साथ ही आपको सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी होगी।’ उन्होंने यह नहीं बताया कि वाद कब दायर किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे बारे में, मेरे जीवन के बारे में, मेरी खान-पान की आदतों के बारे में, मेरी संस्कृति के बारे में, मेरे धर्म के बारे में, मेरी विचारधारा के बारे में या शायद मुझे एक व्यक्ति के रूप में भी जाने बिना, आपने मुझे ‘बीफ खाने वाली’, एक गैर-सनातनी, एक भारत विरोधी कम्युनिस्ट कहा।’’

सुजाता ने आरोप लगाया कि शर्मा ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें एक विमर्श बनाना था, चुनाव जीतना था और कुछ ऐसे भाषण देने थे जिनसे उन्हें ‘‘थोड़ी दिखावटी लोकप्रियता के पल’’ मिल सकें।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता का उनसे एकमात्र संबंध उनकी बेटी कुन्की चौधरी के माध्यम से है, जिन्होंने विपक्षी गठबंधन की उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा।

राजनीति में नवोदित कुन्की ने असम जातीय परिषद (एजेपी) की उम्मीदवार के रूप में गुवाहाटी सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा, जो पहली बार चुनावी मैदान में उतरे थे। कुन्की को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

सुजाता ने कहा कि उन्होंने पहले सफाई देने से परहेज़ किया, क्योंकि ‘‘हर मुद्दे को राजनीति के लिए इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के सामने सफाई देने का कोई मतलब नहीं।’’

56 वर्षीय महिला ने शर्मा को उनकी जीत पर बधाई देते हुए कहा, ‘अब जब आप मुख्यमंत्री हैं और जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, तो आप मेरे और जनता के प्रति जवाबदेह हैं; इसलिए यह संदेश आपके लिए है।’

उन्होंने कहा कि भारत में नागरिकों को अपना धर्म, संस्कृति, खान-पान और विचारधारा चुनने का अधिकार है। सुजाता ने कहा कि शर्मा भले ही चुनाव जीत गए हों, लेकिन उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी ‘जब तक मुझ जैसे आम आदमी सांस लेता रहेगा।’’

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे शक्तिशाली राजनीतिक के लिए ये आरोप भले ही महत्वहीन हों, लेकिन उनके जैसी आम इंसान के लिए ये जीवन बदल देने वाले साबित हुए हैं।

सुजाता ने दावा किया, ‘‘मुझे न सिर्फ सार्वजनिक रूप से बदनाम किया गया, बल्कि मेरे नाबालिग बच्चों की तस्वीर सार्वजनिक होने से उनकी जान को भी खतरा है।’’ उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘‘मैं जन्म और संस्कृति से हिंदू हूं, राजनीति से नहीं।’’

नौ अप्रैल को हुए मतदान के बाद उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर शर्मा पर विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ‘‘झूठे, निराधार और दुर्भावनापूर्ण’’ बयान देने का आरोप लगाया था।

ग्यारह अप्रैल को राष्ट्रीय महिला आयोग को दी गई अपनी शिकायत में चौधरी ने दावा किया कि शर्मा के बयान उन्हें ‘‘बदनाम करने’’ और उनकी बेटी को ‘‘राजनीतिक रूप से निशाना बनाने’’ के इरादे से दिए गए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ ‘‘दुष्प्रचार’’ से लोगों को ‘‘भड़काने’’ के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग की।

भाषा

अमित संतोष

संतोष


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