अकाल तख्त ने मान वीडियो मामले में ‘फर्जी’ फॉरेंसिक रिपोर्ट को ‘गंभीर’ मामला बताया

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अकाल तख्त ने मान वीडियो मामले में ‘फर्जी’ फॉरेंसिक रिपोर्ट को ‘गंभीर’ मामला बताया

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 09:37 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 09:37 PM IST

अमृतसर, 24 जून (भाषा) अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़े वीडियो विवाद के सिलसिले में हरियाणा पुलिस के एक मामला दर्ज किए जाने को बुधवार को ‘‘बहुत गंभीर’’ बताया।

इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की एक वीडियो क्लिप से जुड़ी कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया गया है।

अकाल तख्त साहिब सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने दो लोगों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पुलिस से इस मामले में शामिल सभी लोगों का पर्दाफाश करने का आग्रह किया।

गुरुग्राम पुलिस ने एक व्यक्ति की शिकायत पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करके दो लोगों को गिरफ्तार किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री से संबंधित विवाद से जुड़े वायरल वीडियो की फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट की व्यवस्था कराने के लिए उससे संपर्क किया गया था।

सिंह ने कहा कि ‘‘फर्जी’’ फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के संबंध में हरियाणा पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किया जाना एक बहुत गंभीर मामला है।

उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जिन्होंने अकाल तख्त को चुनौती दी है, उन्हें हमेशा दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम भुगतने पड़े हैं।

उन्होंने दावा किया कि सिख-विरोधी ताकतों और अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने वालों को यह याद रखना चाहिए कि भले ही कोई सांसारिक मामलों में लोगों को धोखा दे सकता है, लेकिन कोई भी गुरु साहिब या उनके सच्चे तख्त को धोखा नहीं दे सकता।

सिंह ने कहा कि इस साजिश में शामिल सभी लोगों को यह याद रखना चाहिए कि जो लोग गुरु से विमुख हो जाते हैं, उन्हें कहीं भी सहारा नहीं मिलता, और ऐसा कलंक पीढ़ियों तक बना रहता है।

यह घटनाक्रम एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर पैदा हुए राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है। इस मामले में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने 15 जून को मुख्यमंत्री मान के खिलाफ एक आदेश जारी किया था।

अकाल तख्त ने एक वीडियो को लेकर मान को ‘‘गुरु दोखी’’ (गुरु-द्रोही) और ‘‘खालसा पंथ विरोधी’’ घोषित किया था।

मान ने इस वीडियो को खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ बदनाम करने के उद्देश्य से ‘‘दुष्प्रचार’’ बताया है।

आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई ने भी दावा किया था कि दो प्रयोगशालाओं द्वारा की गई फॉरेंसिक जांच में यह पाया गया कि कथित आपत्तिजनक वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति मान नहीं है।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव