अमरनाथ यात्रा: ‘छड़ी मुबारक’ को शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया
अमरनाथ यात्रा: ‘छड़ी मुबारक’ को शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया
श्रीनगर, 12 अगस्त (भाषा) अमरनाथ यात्रा की सदियों पुरानी परंपरा के तहत ‘हरियाली अमावस्या’ के अवसर पर बुधवार को ‘छड़ी मुबारक’ को पूजा-अर्चना के लिए शहर के डलगेट इलाके में स्थित ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया।
दशनामी अखाड़े की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, स्वामी अमरनाथ जी यात्रा 2026 के तहत महंत दीपेंद्र गिरि की अगुवाई में पवित्र ‘छड़ी मुबारक’ को ‘हरियाली अमावस्या’ (श्रावण अमावस्या) के अवसर पर सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार गोपादरी पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया।
बयान में कहा गया कि इस दौरान जम्मू कश्मीर और पूरे देश की शांति एवं समृद्धि के लिए सामूहिक प्रार्थना भी की गई।
पत्रकारों से बातचीत में महंत दीपेंद्र गिरि ने कहा कि इतिहासकारों के अनुसार पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण मूल रूप से राजा संदीमन ने कराया था।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मंदिर पहले ज्येष्ठेश्वर या ज्योतिश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता था। लेकिन आदि गुरु शंकराचार्य जी के यहां आने के बाद अब यह श्री शंकराचार्य मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।’’
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार यानी 13 अगस्त को देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए ‘छड़ी मुबारक’ को यहां हरि पर्वत किले में स्थित ‘शारिका भवानी’ मंदिर ले जाया जाएगा।
अमरनाथ यात्रा को मार्ग की मरम्मत के लिए तय समय से करीब तीन सप्ताह पहले नौ अगस्त को रोक दिया गया था। हालांकि, पवित्र गुफा के लिए ‘छड़ी मुबारक’ की पारंपरिक धार्मिक यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन पूर्व निर्धारित तिथि 28 अगस्त को होगा।
भाषा प्रचेता अविनाश
अविनाश

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