भाजपा के दबाव के चलते कॉजपा को बैठक के लिए जगह नहीं दी जा रही है: अभिजीत दीपके

भाजपा के दबाव के चलते कॉजपा को बैठक के लिए जगह नहीं दी जा रही है: अभिजीत दीपके

भाजपा के दबाव के चलते कॉजपा को बैठक के लिए जगह नहीं दी जा रही है: अभिजीत दीपके
Modified Date: August 12, 2026 / 06:52 pm IST
Published Date: August 12, 2026 6:52 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) दिल्ली के नारायणा में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के स्वयंसेवकों की बुधवार को होने वाली एक बैठक रद्द कर दी गई।

कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि जिस बैंक्वेट हॉल में यह बैठक होनी थी उसने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘दबाव’ के कारण आखिरी समय पर बुकिंग रद्द कर दी।

बैठक रद्द होने के बाद दीपके ने संवाददाताओं से कहा कि आयोजकों ने यह जगह आरक्षित की थी लेकिन जब वे वहां पहुंचे तब उनसे कहा गया कि उन्हें ‘दबाव’ के कारण हॉल उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ आज हम दिल्ली में अपने स्वयंसेवकों की बैठक करने वाले थे। हमें बैठक करने की इजाज़त नहीं दी गई। उन्होंने कहा, ‘हम पर दबाव है, हम आपको हॉल नहीं दे सकते।’ ’’

दीपके ने दावा किया कि उन्हें आस-पास की दूसरी जगहों पर भी इसी तरह मनाही का सामना करना पड़ा ।

उन्होंने आरोप लगाया कि कॉजपा की बैठकों के लिए जगह देने से रोकने के लिए लोगों को ‘डराया-धमकाया’ जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘लोग हमें जगह देने से डर रहे हैं। हमें बैठक करने से रोका जा रहा है। भाजपा लोगों को हमें हॉल देने से रोकने के लिए धमका रही है।’’

दीपके ने कहा, ‘‘आप चाहे कितनी भी धमकी दें, हम डरने वाले नहीं हैं।’’

यह घटनाक्रम कॉजपा द्वारा अपनी राष्ट्रीय टीम की घोषणा के कुछ दिनों बाद हुआ है। इस टीम में दीपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है।

नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद कॉजपा अपना ढांचा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस विरोध-प्रदर्शन के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।

दीपके ने इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया था, जो 36 दिनों तक चला था। इसे विद्यार्थियों और युवा स्वयंसेवकों के साथ-साथ विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिला।

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गये थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर बाद में उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।

कॉजपा ने सरकार के साथ बातचीत के बाद 25 जुलाई को अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन वापस ले लिया था।

जब प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने की कोशिश की तो पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद में इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की है जिससे गतिरोध पैदा हो गया है।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश


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