वन अधिनियम में हुए संशोधनों ने वन प्रबंधन के निजीकरण के लिए रास्ते खोल दिए: कांग्रेस

वन अधिनियम में हुए संशोधनों ने वन प्रबंधन के निजीकरण के लिए रास्ते खोल दिए: कांग्रेस

वन अधिनियम में हुए संशोधनों ने वन प्रबंधन के निजीकरण के लिए रास्ते खोल दिए: कांग्रेस
Modified Date: January 7, 2026 / 01:34 pm IST
Published Date: January 7, 2026 1:34 pm IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 में नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा किए गए संशोधनों ने वन प्रबंधन के निजीकरण के लिए रास्ते खोल दिए।

पार्टी महासचिव और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एक परिपत्र का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘अगस्त 2023 में मोदी सरकार ने संसद के माध्यम से वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 में संशोधन किया था। इस कानून का नाम बदलकर वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 करने के अलावा, इन संशोधनों ने देश में वनों के प्रशासन के लिए कानूनी व्यवस्था में दूरगामी बदलाव किए थे।’

उन्होंने कहा, ‘उसी समय यह कहा गया था कि संशोधनों ने वन प्रबंधन के निजीकरण का द्वार खोल दिया है। ‘

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रमेश के अनुसार, बिल्कुल यही हुआ है जैसा कि 2 जनवरी, 2026 को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी परिपत्र से पता चलता है।

उन्होंने कहा, ‘यह तो एक शुरूआत है।’

भाषा हक शोभना मनीषा

मनीषा


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