लोकसभा में अध्यक्ष बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे सकते हैं अमित शाह
लोकसभा में अध्यक्ष बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे सकते हैं अमित शाह
नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) विपक्षी सदस्यों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में होने वाली चर्चा का जवाब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दे सकते हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष बिरला ने सदन की कार्यवाही चलाते समय ‘‘पक्षपातपूर्ण’’ तरीके से काम किया।
सदन में मंगलवार को होने वाली चर्चा के दौरान अन्य वक्ताओं के अलावा सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू भी हिस्सा ले सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव पर चर्चा के अंत में गृह मंत्री शाह के जवाब देने की संभावना है।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा सोमवार को होनी थी, लेकिन पश्चिम एशिया के हालात पर सदन में चर्चा कराने की विपक्ष की मांग को लेकर हंगामे के कारण कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी और चर्चा नहीं हो सकी।
सूत्रों ने कहा कि सरकार बिरला के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर जल्द से जल्द चर्चा कराना चाहती है।
बजट सत्र के पहले चरण में 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर के साथ बिरला को पद से हटाए जाने के लिए नोटिस दिए जाने के बाद से वह सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं कर रहे हैं। यह प्रस्ताव कांग्रेस के तीन सदस्य — मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लू रवि पेश करेंगे।
ऐसे प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संविधान अध्यक्ष को सदन में मौजूद रहने की इजाजत देता है। वह अपना बचाव कर सकते हैं और प्रस्ताव पर मतदान कर सकते हैं, लेकिन जब मामले पर चर्चा हो रही हो तो आसन से कार्यवाही का संचालन नहीं कर सकते।
इस दौरान उनके सत्तापक्ष की अग्रिम पंक्ति में बैठने की संभावना है। हालांकि इस मामले में नियम स्पष्ट नहीं हैं।
इससे पहले 2024 में, विपक्ष ने राज्यसभा के तत्कालीन सभापति और उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ भी ऐसा ही प्रस्ताव का नोटिस दिया गया था। हालांकि उसे स्वीकार नहीं किया गया।
इतिहास में आजादी के बाद से कम से कम तीन ऐसे मौके दर्ज हैं जब लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। पहला ऐसा प्रस्ताव 1954 में प्रथम लोकसभा स्पीकर जी वी मावलंकर के खिलाफ लाया गया था, जब सांसद विग्नेश्वर मिश्रा ने आरोप लगाया था कि अध्यक्ष निष्पक्ष नहीं हैं।
भाषा वैभव माधव
माधव

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