Vande Bharat: इजरायल-ईरान जंग में अब तेल ‘बम’!.. भारतीय निवेशकों में भी छाई मायूसी, आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है बड़ा असर

Vande Bharat: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की आग अब भारतीय निवेशकों की जेब तक पहुंच गई है। बढ़ते तनाव ने आज घरेलू शेयर बाजार को लहूलुहान कर दिया।

Vande Bharat: इजरायल-ईरान जंग में अब तेल ‘बम’!.. भारतीय निवेशकों में भी छाई मायूसी, आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है बड़ा असर

Vande Bharat/Image Credit : IBC24.in

Modified Date: March 10, 2026 / 12:03 am IST
Published Date: March 10, 2026 12:01 am IST
HIGHLIGHTS
  • मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की आग अब भारतीय निवेशकों की जेब तक पहुंच गई है।
  • बढ़ते तनाव ने आज घरेलू शेयर बाजार को लहूलुहान कर दिया।
  • 9 मार्च का दिन निवेशकों के लिए किसी ब्लैक मंडे से कम नहीं रहा।

Vande Bharat: नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की आग अब भारतीय निवेशकों की जेब तक पहुंच गई है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने आज घरेलू शेयर बाजार को लहूलुहान कर दिया। 9 मार्च का दिन निवेशकों के लिए किसी ब्लैक मंडे से कम नहीं रहा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए..एक ही दिन में निवेशकों की 22 लाख करोड़ की दौलत स्वाहा हो गई, लेकिन ये तो सिर्फ शुरुआत है, असली डर तो कच्चे तेल और आसमान छूती महंगाई का है।

ग्लोबल टेंशन का असर दलाल स्ट्रीट पर साफ दिखा। (Vande Bharat) सेंसेक्स 1353 अंक टूटकर 77,566 के स्तर पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी ने भी 422 अंकों की गोता लगाई। बैंक, ऑटो और मेटल जैसे बड़े सेक्टर धराशायी हो गए..निवेशकों को 22 लाख करोड़ रु का नुकसान।

डर इस बात का है कि अगर जंग लंबी खिंची, तो सप्लाई चेन टूटेगी और कंपनियों का मुनाफा मिट्टी में मिल जाएगा। यही वजह है कि निवेशकों ने सुरक्षित ठिकानों की ओर भागना शुरू कर दिया है।

Vande Bharat:  बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह है ‘कच्चा तेल’.. अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 115 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। (Vande Bharat) महज 10 दिनों में तेल की कीमतें 50% तक बढ़ चुकी हैं। जानकारों की मानें तो तेल 150 डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसका सीधा मतलब है आपके शहर में पेट्रोल-डीजल 5 से 6 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। सरकार भले ही कह रही हो कि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन बाजार को डर है कि भारत का इंपोर्ट बिल बजट बिगाड़ देगा।

चौतरफा मार सिर्फ बाजार पर नहीं, बल्कि देश की करेंसी पर भी पड़ी है। डॉलर के मुकाबले रुपया 92.33 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर जा गिरा है, जब शेयर बाजार डूब रहा है, तब निवेशकों को सिर्फ सोने-चांदी में ही सुरक्षा दिख रही है। सोना 800 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख (10 ग्राम) पर पहुंच गया, (Vande Bharat) तो चांदी ने 2000 रुपए की छलांग लगाकर 2.63 लाख का आंकड़ा छू लिया।

Vande Bharat:  साफ है कि, सात समंदर पार छिड़ी ये जंग भारत के आम आदमी की रसोई और मिडिल क्लास के निवेश को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की कोई कोशिश कामयाब होती है, या बाजार में ये गिरावट अभी और गहरी होगी।

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