शाह चार जनवरी को तमिलनाडु दौरे पर जाएंगे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में होंगे शामिल

शाह चार जनवरी को तमिलनाडु दौरे पर जाएंगे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में होंगे शामिल

शाह चार जनवरी को तमिलनाडु दौरे पर जाएंगे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में होंगे शामिल
Modified Date: January 1, 2026 / 07:03 pm IST
Published Date: January 1, 2026 7:03 pm IST

चेन्नई, एक जनवरी (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चार जनवरी से तमिलनाडु के दो-दिवसीय दौरे पर रहेंगे और पुडुक्कोट्टई में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन के राज्यव्यापी राजनीतिक अभियान के समापन समारोह को संबोधित करेंगे।

इस दौरान शाह भाजपा जिला इकाई द्वारा आयोजित ‘मोदी पोंगल’ कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद पांच जनवरी को वह तिरुचिरापल्ली जाएंगे, जहां श्रीरंगम स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में दर्शन करेंगे।

शाह के दौरे की पुष्टि करते हुए नैनार नागेंद्रन ने बृहस्पतिवार को तिरुनेलवेली में संवाददाताओं से कहा कि पुडुक्कोट्टई में होने वाली बैठक में करीब 50,000 लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की जा रही है।

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पार्टी सूत्रों के अनुसार, तिरुचिरापल्ली रोड पर 49 एकड़ भूमि में पर्याप्त रोशनी और बैठने की व्यवस्था के साथ एक भव्य मंच तैयार किया जा रहा है। बैठक स्थल पर भीड़ नियंत्रण के लिए अवरोधक लगाए जाएंगे।

नागेंद्रन ने 12 अक्टूबर को मदुरै से ‘तमिलगम थलाई निमिरा तमिलनिन पयनम’ (तमिलनाडु को गौरव के साथ आगे बढ़ाने के लिए एक तमिल की यात्रा) नाम से राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार को निशाना बनाना है।

सामाजिक न्याय के मुद्दे पर द्रमुक पर कथित दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए नागेंद्रन ने कहा कि द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन सामाजिक न्याय की बात करते हैं और ‘समत्व पोंगल’ जैसे आयोजनों को प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन वास्तविकता में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जब पूरी दुनिया नववर्ष मना रही थी, तब भी सफाई कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में उनकी सेवाओं के नियमितीकरण के द्रमुक के वादे को लागू न किए जाने का परिणाम है।

नागेंद्रन ने यह भी सवाल किया कि अधूरे चुनावी वादों के अलावा क्या ‘द्रविड़ मॉडल’ सरकार यह भी भूल गई है कि सफाई कर्मचारी भी इंसान हैं। उन्होंने दावा किया कि सफाई कर्मचारियों के “आंसू” अंततः इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का कारण बनेंगे।

भाषा मनीषा सुरेश

सुरेश


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