एएमएमए अध्यक्ष मेनन ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप खारिज किए

एएमएमए अध्यक्ष मेनन ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप खारिज किए

एएमएमए अध्यक्ष मेनन ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप खारिज किए
Modified Date: July 5, 2026 / 01:49 pm IST
Published Date: July 5, 2026 1:49 pm IST

तिरुवनंतपुरम, पांच जुलाई (भाषा) ‘असोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स’ (एएमएमए) की अध्यक्ष श्वेता मेनन ने साथी कलाकारों के एक समूह द्वारा उन पर लगाए गए सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि उनकी लड़ाई संगठन के भीतर सक्रिय एक प्रभावशाली गुट के खिलाफ है।

सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर पोस्ट कर मेनन ने आरोप लगाया कि उन्होंने आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे एएमएमए के सदस्यों के लिए बनाए गए कल्याण कोष में वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफाश किया था, और दावा किया कि इन गड़बड़ियों पर सवाल उठाने के बाद से ही उन्हें बदनाम करने और डराने-धमकाने के प्रयास शुरू हो गए थे।

उन्होंने कहा कि एएमएमए कई ऐसे कलाकारों का घर है जिनके पास नियमित आय का कोई साधन नहीं है और वे चिकित्सा उपचार, दवाओं तथा बुनियादी आजीविका के लिए इस संगठन पर निर्भर हैं।

मेनन ने कहा कि ऐसी कल्याणकारी गतिविधियों के लिए धन प्रायोजित कार्यक्रमों के माध्यम से जुटाया जाता था, जिसमें मोहनलाल और ममूटी जैसे लोकप्रिय अभिनेता अपना समय और श्रम देकर योगदान करते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी नहीं देखा कि धन किसी हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, मंदिर, चर्च, अंबानी या अदाणी से आ रहा है। हमने एक ही भावना के साथ सभी से मदद स्वीकार की है क्योंकि यह हमारे सदस्यों के कल्याण के लिए है।’’

मेनन ने यह पोस्ट ऐसे वक्त किया जब एक दिन पहले कोच्चि में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अभिनेत्रियों माला पार्वती, अंसिबा हसन, उषा हसीना और माया विश्वनाथ ने मेनन खिलाफ नए आरोप लगाए।

इससे पहले एर्नाकुलम की एक अदालत ने शुक्रवार को एएमएमए के प्रबंधन के लिए गठित तदर्थ समिति के कामकाज पर रोक लगा दी थी। यह कार्रवाई संगठन की आमसभा द्वारा पूर्ववर्ती कार्यकारी समिति को हटाने के बाद की गई थी।

एएमएमए की आमसभा की 21 जून को हुई बैठक के दौरान सदस्यों ने कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए मौजूदा कार्यकारी समिति को हटाने का फैसला किया था और नए चुनाव होने तक संगठन के प्रबंधन के लिए अभिनेता रमेश पिशारोडी की अध्यक्षता में एक तदर्थ समिति नियुक्त की थी।

भाषा खारी शोभना

शोभना


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