कोई अभिनेता मेरी नकल कर रहा था: मान ने वीडियो विवाद पर कहा
कोई अभिनेता मेरी नकल कर रहा था: मान ने वीडियो विवाद पर कहा
(तस्वीरों के साथ)
चंडीगढ़, 18 जून (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर दावा किया कि जिस आपत्तिजनक वीडियो को लेकर सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने उनके खिलाफ आदेश जारी किया था, उसमें वह नहीं थे, बल्कि कोई अभिनेता उनकी नकल कर रहा था।
मान ने दो प्रयोगशालाओं की जांच रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिनके मुताबिक आपत्तिजनक वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति कथित तौर पर कोई और था।
आम आदमी पार्टी (आप)नेता ने कहा कि उन्हें उन लोग द्वारा निशाना बनाया जा रहा है, जो उनके द्वारा लिए गए जन-हितैषी फैसलों को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
अकाल तख्त ने सोमवार को वीडियो को लेकर मान को ‘गुरु द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने एक वीडियो बयान में कहा कि उनका पूरा सार्वजनिक जीवन लोगों की सेवा और पंजाब के हितों की रक्षा के लिए समर्पित रहा है, और कोई भी राजनीतिक दुष्प्रचार ‘संगत’ या राज्य की जनता के साथ उनके जुड़ाव को कमजोर नहीं कर सकता।
उन्होंने आपत्तिजनक वीडियो की दो फोरेंसिक प्रयोगशाला से कराई की गई जांच के आए परिणाम का हवाला देते हुए कहा कि वीडियो में 1,191 फ्रेम की जांच की गई थी।
मान ने कहा, ‘‘किसी भी कोण से, चाहे बगल से देखें या सामने से देखें, मेरी आंखें, मेरी लंबाई, मेरा डील-डौल या शरीर की बनावट एक भी फ्रेम मेरे चेहरे से मेल नहीं खाता। जांच रिपोर्ट से साफ होता है कि किसी ने इस फर्जी वीडियो को बनाने के लिए किसी और व्यक्ति का इस्तेमाल किया, जिसका उद्देश्य इसे भगवंत मान का वीडियो बताकर मुझे बदनाम करना था।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की तुलना में उनकी लंबाई में एक इंच का अंतर है। उन्होंने प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल किया, ‘‘ यह कैसे हो सकता है कि वीडियो में मेरी लंबाई एक इंच बढ़ जाए?’’
उन्होंने कहा, ‘‘किसी को जानकारी नहीं है कि यह वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया। किसी को नहीं पता कि इसे कहां रिकॉर्ड किया गया था। कोई नहीं जानता कि इसे सबसे पहले प्रसारित किया था।’’
मान ने कहा, ‘‘केवल एक बात स्पष्ट है कि जब मैं पंजाब के लोगों के फायदे के लिए फैसले लेता हूं, तो कुछ लोगों के लिए वे निर्णय बर्दाश्त नहीं होते।’’
मान ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि जो लोग धर्म के ‘स्वघोषित’रखवाले हैं और जिन नेताओं ने अपने चहेतों को अहम पदों पर बिठाया है, वे अब उनका नाम एक ऐसे फर्जी वीडियो से जोड़ रहे हैं जिसमें वे मौजूद भी नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई अभिनेता मेरी नकल कर रहा है, मेरे जैसे बाल बना रहा है और मेरे जैसा दिखने की कोशिश कर रहा है।’’
मान ने कहा,‘‘कुछ तथाकथित जांच के आधार पर, वे श्री अकाल तख्त साहिब की ‘फसील’ (मंच) से मुझे ‘पंथ-विरोधी’ घोषित कर रहे हैं और लोगों से कह रहे हैं कि वे भगवंत मान से न जुड़ें। यह खुला राजनीतिक प्रचार है।’’
उन्होंने फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें वीडियो में दिख रही आस-पास की चीजों का भी विश्लेषण किया गया है, जिसमें टेबल और होटल का कमरा भी शामिल है।
मान ने कहा कि दो रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि जिसने भी यह काम किया है, उसकी पहचान की जाए और उसे लोगों के सामने लाया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद ‘नानक नाम लेवा’ संगत फैसला करेगी। श्री गुरु नानक देव जी की संगत सर्वोच्च है।’’
मान ने दोहराया,‘‘श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है और हम उसके सामने मत्था टेकते हैं। हालांकि, इस तरह लिए गए और तख्त से घोषित किए गए फैसलों को कई लोगों ने स्वीकार नहीं किया है।’’
इससे पहले दिन में, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि दो प्रयोगशालाओं में विवादित वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई गई जिसमें साबित हुआ कि उसमें दिख रहा व्यक्ति मान नहीं हैं।
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश

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