टोंक जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
टोंक जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
जयपुर, 12 अगस्त (भाषा) राजस्थान के टोंक जिले की जिला जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की तबीयत बिगड़ने के बाद बुधवार को उपचार के दौरान मौत हो गई।
जेल प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर उसकी मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना माना जा रहा है। वहीं, मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान चौथ का बरवाड़ा के पावाडेरा गांव निवासी गणदेव गुर्जर (32), पुत्र किशनलाल, के रूप में हुई है।
जेलर अमृत सिंह भाटी ने बताया कि गणदेव 30 अक्टूबर 2025 से टोंक जिला कारागृह में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था। उसके खिलाफ टोंक के कोतवाली थाने में मारपीट और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित मामला दर्ज था।
उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह गणदेव ने सीने में तकलीफ की शिकायत की। उसे तत्काल कारागृह परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे सआदत अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताते हुए उसे जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर कर दिया।
भाटी के अनुसार गणदेव को उपचार के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
उधर, गणदेव के रिश्तेदार धनराज गुर्जर ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि गणदेव की तबीयत मंगलवार से ही खराब थी, लेकिन जेल प्रशासन ने उसे समय पर चिकित्सकों को नहीं दिखाया और न ही परिजनों से उसकी बात कराई।
धनराज ने कहा, ‘‘हमें तो बुधवार सुबह उसकी मौत होने की जानकारी दी गई।’’
इस मामले में मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत

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