आंध्र सरकार योग कक्ष बनाएगी, ‘योगांध्र’ पोर्टल शुरू करेगी: नायडू
आंध्र सरकार योग कक्ष बनाएगी, ‘योगांध्र’ पोर्टल शुरू करेगी: नायडू
(तस्वीरों सहित)
विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश), 21 जून (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने योग गुरु बाबा रामदेव के साथ रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया और राज्यभर में योग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की घोषणा की।
नायडू ने कहा कि नियमित रूप से योग, ध्यान और प्राणायाम करने से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है तथा अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने यहां इंदिरा गांधी नगर निगम स्टेडियम में राज्य सरकार की ‘योगांध्र’ पहल के तहत आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि योग को जीवन की शैली बनाया जाना चाहिए और इसे आंध्र प्रदेश के हर घर तक पहुंचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्वर्ण ग्राम और वार्ड सचिवालय कार्यालयों में स्थायी योग कक्ष बनाए जाएंगे, योग कार्यक्रमों की निगरानी के लिए जिला और मंडल स्तर पर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, एक विशेषज्ञ समिति योग के मानक नियम तैयार करेगी और एक समर्पित ‘योगांध्र’ पोर्टल शुरू किया जाएगा।
नायडू ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण अब 190 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने भारत को दुनिया का मार्गदर्शन करने में सक्षम ‘‘विश्वगुरु’’ बताया।
उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह तिरुपति में आयोजित किया जाएगा।
विशाखापत्तनम में ‘योगांध्र-2025’ की सफलता को याद करते हुए नायडू ने कहा कि राज्य ने प्रधानमंत्री की उपस्थिति में गिनीज विश्व रिकॉर्ड और अन्य वैश्विक रिकॉर्ड बनाए थे।
उन्होंने लोगों से ‘जंक फूड’ से बचने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती और रसायन मुक्त भोजन को बढ़ावा दे रही है तथा राज्य के हरित क्षेत्र को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
नायडू ने कहा कि 15 अगस्त से पूरे राज्य में ‘संजीवनी’ परियोजना लागू की जाएगी और योग को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश और अन्य नेताओं के साथ सामूहिक योग सत्र में हिस्सा लिया।
बाबा रामदेव ने नायडू को अनुलोम-विलोम समेत विभिन्न प्राणायाम कराए जबकि उनके शिष्यों ने अलग-अलग योगासनों का प्रदर्शन किया।
भाषा सिम्मी अमित
अमित

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