अंकिता हत्याकांड : सीबीआई जांच की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी
अंकिता हत्याकांड : सीबीआई जांच की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी
देहरादून, चार जनवरी (भाषा) उत्तराखंड पुलिस द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड में किसी ‘वीआईपी’ के नहीं होने का स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद विपक्षी दलों ने प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की अपनी मांग को लेकर रविवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद), महिला मंच, वामपंथी दलों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता यहां परेड ग्राउंड में एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करते हुए हत्याकांड में ‘वीआईपी’ के नाम का खुलासा किए जाने के लिए प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की अपनी मांग को दोहराया।
प्रदर्शन के दौरान हाथों में ‘अंकिता को न्याय दो’, ‘और नहीं अब देर करो, मुख्यमंत्री को घेर लो’ और ‘असली दोषी कौन है, जो दिल्ली में मौन है’ की तख्तियां लिए विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और कहा कि मांग न माने जाने तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस विरोध मार्च में शामिल होने के लिए लोगों से अपील करने वाले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि हत्याकांड की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी शेखर सुयाल द्वारा मामले में किसी ‘वीआईपी’ की संलिप्तता न होने संबंधी बयान से सहमत नहीं हुआ जा सकता।
मैखुरी ने कहा कि कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा पिछले साल मई में सुनाए गए फैसले में हत्याकांड के लिए पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य तथा उसके दोनों कर्मचारियों-अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी। तथा कहा गया था कि अपराध का मकसद ‘वीआईपी’ को ‘विशेष सर्विस’ न देना था।
उन्होंने कहा, ”अब अगर पुलिस अधिकारी सुयाल, वीआईपी होने की बात को नकार रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप अपराध का मकसद ही खत्म कर दे रहे हैं। इस मामले में जिनका नाम आ रहा है, उन्हें तो आप पकड़ नहीं रहे हैं, बल्कि जिन्हें सजा मिल चुकी है, उनके छूटने का भी रास्ता खोल रहे हैं।”
मैखुरी ने कहा कि उनकी मांग है कि मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई द्वारा की जाए ताकि वीआईपी का पता चल सके।
पौड़ी जिले के यमकेश्वर में वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की 18 सितंबर 2022 को हत्या हुई थी। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़कों पर उमड़ पड़ा था जिसके बाद राज्य सरकार को उसकी जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करना पड़ा।
हत्याकांड के दौरान पौड़ी के अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे और एसआईटी में बतौर सदस्य शामिल सुयाल ने शनिवार को कहा कि मामले में कोई ‘वीआईपी’ नहीं था। सुयाल फिलहाल हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) हैं।
सुयाल ने यहां मीडिया से कहा कि अंकिता तथा उसके मित्र पुष्पदीप के बीच चैटिंग में जिस ‘वीआईपी’ का जिक्र आया था, वह नोएडा का रहने वाला धमेंद्र कुमार उर्फ प्रधान था जो 16 तारीख को रिजॉर्ट में खाना खाने के लिए कुछ देर रुका था।
उन्होंने कहा कि ‘वीआईपी’ की बात के सामने आने के बाद पुष्पदीप के तीन-चार बार बयान लिए गए और उसके बाद 164 के तहत मजिस्ट्रटी बयान भी दर्ज किए गए जिसमें उन्होंने बताया था कि जब 16 तारीख को वह रिजॉर्ट में गए तो वहां दो-तीन लोगों के साथ एक शख्स मौजूद था। उन्होंने उसका हुलिया भी बताया था।
सुयाल ने कहा कि पुष्पदीप की बात को रिजॉर्ट के स्टॉफ ने भी सही बताया।
उन्होंने कहा, ”पड़ताल करते हुए पुलिस उस शख्स तक पहुंची तो पता चला कि उसने क्षेत्र में जमीन की तलाश के लिए किसी व्यक्ति से बात की थी जो उसे खाना खिलाने के लिए वनंत्रा रिजॉर्ट में ले गया था और वह वहां केवल ढाई-तीन घंटे रुके थे।”
पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुष्पदीप ने भी इस बात की तस्दीक की कि यह वही व्यक्ति था जिसे उसने 16 तारीख को देखा था।
उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच के हिसाब से यह ‘वीआईपी टर्मिनोलॉजी’ का अंत था लेकिन फिर भी टीम ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों में व्यक्त की गयी संभावनाओं तथा 18 तारीख से 22 तारीख (जब केस पुलिस को सौंपा गया) के बीच रिजॉर्ट में बुकिंग कराने वाले और आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की हर कोण से जांच की। लेकिन, उन्होंने कहा, ‘कोई भी ऐसा महत्वपूर्ण तथ्य हमारे पास नहीं था कि वीआईपी नाम का कोई व्यक्ति है।”
सुयाल ने कहा कि विवेचना के दौरान उत्तराखंड उच्च न्यायालय के एक निर्णय में भी साफ तौर पर जिक्र किया गया है कि एसआईटी की विवेचना में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया और विवेचना बिल्कुल सही दिशा में जा रही है।
उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने हाल में सोशल मीडिया पर अपने वीडियो तथा राठौर से अपनी कथित बातचीत के आडियो जारी कर आरोप लगाया था कि अंकिता हत्याकांड का ‘वीआईपी’ भाजपा का ‘गट्टू’ नाम का नेता है।
एक अन्य वीडियो में सनावर ने गट्टू का नाम भी जाहिर कर दिया जिससे प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया।
भाषा
दीप्ति रवि कांत

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