सिख दंगे: दो लोगों की मौत से संबंधित मामले की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश रद्द
सिख दंगे: दो लोगों की मौत से संबंधित मामले की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश रद्द
नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान दो लोगों की मौत के मामले की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश से संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत का आदेश रद्द कर दिया।
अदालत ने कहा कि मृत्यु के प्रति सहानुभूति मामले में कानूनी कार्यवाही जारी रखने के लिए जरूरी कानूनी आधार की जगह नहीं ले सकती।
विशेष न्यायाधीश भूपिंदर सिंह जनवरी 2017 के मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।
मजिस्ट्रेट अदालत ने पहाड़गंज थाना प्रभारी (एसएचओ) को 1984 के दंगों के दौरान अमीर सिंह और नरेंद्र सिंह नामक दो लोगों की मौत के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।
विशेष न्यायाधीश ने आदेश रद्द करते हुए कहा कि अदालत शिकायतकर्ता की पीड़ा और मामले से जुड़ी त्रासदी से अवगत है लेकिन उसे मामले में उपलब्ध सामग्री व कानून के आधार पर ही फैसला करना होगा।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मृत्यु के प्रति सहानुभूति है लेकिन घटना चाहे कितनी भी सच्ची और समझ में आने वाली क्यों न हो, मामले में कानूनी कार्यवाही जारी रखने के लिए जरूरी कानूनी आधार का विकल्प नहीं हो सकती।’’
न्यायमूर्ति सिंह ने 31 अगस्त को दिए आदेश में कहा कि मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 156(3) के तहत दायर याचिका पर यह आदेश दिया था।
याचिका में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने के साथ-साथ तत्कालीन मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमोद कंठ और पहाड़गंज के तत्कालीन थाना प्रभारी एस. एस. मनन के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया था।
इस धारा के तहत मजिस्ट्रेट किसी संज्ञेय अपराध की जांच के लिए थाना प्रभारी अधिकारी को निर्देश दे सकता है।
अब यह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के अनुरूप है।
कंठ और मनन की ओर से अधिवक्ता सूरज राठी अदालत में पेश हुए।
अदालत ने आदेश में कहा कि मजिस्ट्रेट के निर्देश में विशिष्ट तौर पर किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का स्पष्ट आदेश नहीं दिया गया था इसके बजाय, निर्देश का उद्देश्य केवल ‘‘मौत के कारण का पता लगाना’’ था।
भाषा जितेंद्र माधव जोहेब
जोहेब

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