एमसीडी के तहत आने वाले करीब 5,000 रेहड़ी-पटरी वालों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण मिला

एमसीडी के तहत आने वाले करीब 5,000 रेहड़ी-पटरी वालों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण मिला

एमसीडी के तहत आने वाले करीब 5,000 रेहड़ी-पटरी वालों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण मिला
Modified Date: July 10, 2026 / 03:07 pm IST
Published Date: July 10, 2026 3:07 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के तहत आने वाले करीब 5,000 रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत अब तक 16 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया जा चुका है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इनमें से अधिकांश रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं ने ऋण की तीसरी किस्त प्राप्त की। इस योजना के तहत पहली और दूसरी किस्त का ऋण समय पर देने वाले विक्रेता अधिक राशि के अगले ऋण के पात्र बन जाते हैं।

नगर निगम के अनुसार, आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई के शुरुआती दिनों तक बैंकों ने 4,931 लाभार्थियों को इस योजना के तहत कुल 16.08 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। यह योजना रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को बिना किसी जमानत के ऋण उपलब्ध कराती है।

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत विक्रय प्रमाणपत्र (सीओवी) रखने वाले रेहड़ी-पटरी विक्रेता बिना किसी जमानत के ऋण के पात्र होते हैं। उन्हें कारोबार शुरू करने, उसे बनाए रखने और विस्तार देने के लिए 10,000 रुपये, 20,000 रुपये और 50,000 रुपये की तीन किस्तों में ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

कुल लाभार्थियों में से 1,090 रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को 10,000 रुपये से 15,000 रुपये तक की पहली किस्त का ऋण दिया गया, जिसके तहत कुल 1.60 करोड़ रुपये वितरित किए गए।

दूसरी किस्त के तहत, जिसमें पात्र लाभार्थी 20,000 रुपये या 25,000 रुपये का ऋण ले सकते हैं, 1,774 रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को ऋण स्वीकृत किया गया। इस श्रेणी में कुल 4.18 करोड़ रुपये वितरित किए गए।

सबसे अधिक लाभार्थियों को तीसरी किस्त के तहत ऋण मिला, जिसमें रेहड़ी-पटरी विक्रेता 50,000 रुपये तक के ऋण के पात्र होते हैं। इस श्रेणी में 2,067 विक्रेताओं को ऋण दिया गया, जिसके तहत कुल 10.30 करोड़ रुपये वितरित किए गए।

इस योजना के तहत तीनों किस्तों में कुल मिलाकर अधिकतम 90,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

भाषा तान्या सिम्मी

सिम्मी


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