ईटानगर, चार जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओजिंग तासिंग ने ग्रामीण शासन से जुड़े सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यापक सहयोग और लचीले दृष्टिकोण की जोरदार वकालत की है।
तासिंग ने शुक्रवार को राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों की एक राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय शासन से जुड़ी चुनौतियों और खासकर भौगोलिक रूप से अलग क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुरूप ढलने के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था में लचीलापन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने की और इसमें विभिन्न राज्यों के मंत्रियों ने भाग लिया।
विचार-विमर्श का मुख्य विषय 16वें वित्त आयोग के ग्रामीण स्थानीय निकाय अनुदान को लागू करने संबंधी परिचालन दिशानिर्देश थे।
चर्चा के दौरान पंचायती राज संस्थाओं की वित्तीय स्थिरता बढ़ाने के लिए स्वयं के स्रोतों से राजस्व जुटाने की उनकी क्षमता को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया।
प्रतिभागियों ने कहा कि स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने वाली कार्यान्वयन व्यवस्था तैयार करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है।
वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सशक्त पंचायतें आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत की आधारशिला हैं तथा उत्तरदायी शासन, मजबूत बुनियादी ढांचा और कुशल सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उनका सशक्त होना आवश्यक है।
कार्यशाला का समापन भागीदारी आधारित शासन को आगे बढ़ाने और स्थानीय संस्थाओं के विकास को 2047 तक विकसित भारत के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप बनाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। इसके तहत यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया कि प्रत्येक गांव देश की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में सक्रिय रूप से योगदान दे।
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सिम्मी शोभना
शोभना