अरुणाचल प्रदेश ने सरकारी नौकरियों के लिए पीआरसी और आदिवासी प्रमाणपत्र अनिवार्य किया

अरुणाचल प्रदेश ने सरकारी नौकरियों के लिए पीआरसी और आदिवासी प्रमाणपत्र अनिवार्य किया

अरुणाचल प्रदेश ने सरकारी नौकरियों के लिए पीआरसी और आदिवासी प्रमाणपत्र अनिवार्य किया
Modified Date: August 26, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: August 26, 2026 10:29 pm IST

ईटानगर, 26 अगस्त (भाषा) अरुणाचल प्रदेश सरकार ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर सभी पदों और सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए पीआरसी, एपीएसटी प्रमाणपत्र और किसी स्थानीय आदिवासी भाषा की जानकारी होना अनिवार्य कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद मुख्य सचिव मनीष कुमार गुप्ता के हस्ताक्षर से जारी की गयी यह अधिसूचना राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त निकायों और स्थानीय एवं शहरी निकायों में पदों पर सीधी भर्ती के लिए लागू होगी।

नए नियमों के तहत, सीधी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले हर उम्मीदवार के पास अरुणाचल प्रदेश का वैध स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी), राज्य के मूल निवासी के तौर पर अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 के तहत अधिसूचित किसी स्थानीय आदिवासी भाषा का कामकाजी ज्ञान होना ज़रूरी है।

इस फ़ैसले को राज्य मंत्रिमंडल ने 13 अगस्त को हुई बैठक में मंजूरी दी थी।

अधिसूचना में चुने गये उम्मीदवारों के लिए एक अनिवार्य भाषा परीक्षा का भी प्रावधान है।

जब तक प्रतियोगी परीक्षा में औपचारिक भाषा दक्षता परीक्षा को शामिल नहीं किया जाता, तब तक यह परीक्षा उम्मीदवार के सेवा में शामिल होने के बाद आयोजित की जाएगी और उसे तीन साल की परिवीक्षा अवधि के भीतर उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।

इस बीच, ‘ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन’ ने इस अधिसूचना का स्वागत करते हुए इसे राज्य के मूल निवासियों के हितों की रक्षा की दिशा में एक लंबे समय से प्रतीक्षित और महत्वपूर्ण कदम बताया।

भाषा राजकुमार पवनेश

पवनेश


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