अरुणाचल प्रदेश अवैध प्रवासन रोकने के लिए मजबूत आईएलपी प्रणाली लायेगा: पेमा खांडू
अरुणाचल प्रदेश अवैध प्रवासन रोकने के लिए मजबूत आईएलपी प्रणाली लायेगा: पेमा खांडू
(फाइल फोटो के साथ)
ईटानगर, 12 जनवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार अवैध प्रवासन को प्रभावी ढंग से रोकने और ‘इनर लाइन परमिट (आईएलपी)’ के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक मजबूत, प्रौद्योगिकी-आधारित आईएलपी प्रणाली पर काम कर रही है क्योंकि मूल लोगों के अधिकारों की रक्षा करना और कानून के शासन को बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
खांडू ने यहां अपने नागरिक सचिवालय कार्यालय में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,‘‘ अधिक दिनों तक ठहरने पर, परमिट की समय सीमा समाप्त होने, असामान्य यात्रा पैटर्न और वास्तविक समय के प्रवेश-निकास डेटा पर नजर रखने के लिए एक मजबूत, आईटी-सक्षम आईएलपी प्रणाली पर काम कर रहा हूं।’’
उन्होंने कहा कि राज्य को गैरकानूनी प्रवास और परमिट के दुरुपयोग से सुरक्षित रखा जाना चाहिए, जिससे सुरक्षा, कानून का शासन और मूल लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने छह जनवरी को प्रेसवार्ता में कहा था, ‘‘पहले आईएलपी प्रणाली की ठीक से निगरानी नहीं हो पाती थी। अब हम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित हो गए हैं। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद नए नियम लागू हो जाएंगे।’’
खांडू के अनुसार, डिजिटल प्रणाली से अवैध प्रवासियों पर कड़ी निगरानी रखने और उनके खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत, राज्य के बाहर से श्रमिकों को लाने वाले नियोक्ताओं को सरकार को औपचारिक रूप से सूचित करना होगा, जिससे अधिकारियों को उचित सत्यापन करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मूल समुदायों, भूमि और संस्कृति की रक्षा के लिए गैर-निवासियों के प्रवेश को विनियमित करने वाले बंगाल पूर्वी सीमा विनियमन (बीईएफआर), 1873 में और संशोधन किए जाएंगे ताकि इसे और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाया जा सके।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश

Facebook


