असम: देहिंग पटकाई राष्ट्रीय उद्यान में तितलियों की 165 प्रजातियां दर्ज की गईं

असम: देहिंग पटकाई राष्ट्रीय उद्यान में तितलियों की 165 प्रजातियां दर्ज की गईं

असम: देहिंग पटकाई राष्ट्रीय उद्यान में तितलियों की 165 प्रजातियां दर्ज की गईं
Modified Date: August 26, 2026 / 08:37 pm IST
Published Date: August 26, 2026 8:37 pm IST

गुवाहाटी, 26 अगस्त (भाषा) असम के देहिंग पटकाई राष्ट्रीय उद्यान में तितलियों की कुल 165 प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जिनमें 37 लुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल हैं। इससे इस बरसाती वन की समृद्ध जैव-विविधता का पता चलता है।

वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इस खोज को राज्य की समृद्ध प्राकृतिक विरासत का एक और शानदार उदाहरण बताया है, जिसमें देहिंग पटकाई तितलियों की विविधता के लिए एक फलते-फूलते क्षेत्र के रूप में उभरा है।

बरुआ ने कहा, ‘‘इस इलाके में कुल 165 तरह की तितलियाँ देखी गई हैं, जिनमें 37 लुप्तप्राय प्रजातियाँ भी शामिल हैं। यह इस जैव-विविधता से भरपूर क्षेत्र के पारिस्थितिकी महत्व को दिखाता है।’’

उन्होंने कहा कि तितलियों की इतनी विविधता का होना, उत्कृष्ट और आपस में जुड़े प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने के महत्व को दर्शाता है।

मंत्री ने कहा, ‘‘देहिंग पटकाई केवल एक राष्ट्रीय उद्यान ही नहीं, बल्कि एक समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र है जहाँ जंगल, वन्यजीव और अनगिनत छोटी प्रजातियाँ एक साथ रहती हैं।’’

उन्होंने कहा कि संरक्षण के प्रयास दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों के जीवित रहने और फलने-फूलने के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में मदद कर रहे हैं, जिससे असम के जैव-विविधता की रक्षा करने के बड़े मिशन को मजबूती मिल रही है।

बरुआ ने कहा, ‘‘शानदार हाथियों और बाघों से लेकर सबसे छोटी और रंग-बिरंगी तितलियों तक, असम के जंगल यह साबित करते रहते हैं कि प्रकृति को जीवित रखने में हर प्रजाति की भूमिका होती है।’’

भाषा

नेत्रपाल संतोष

संतोष


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