असम : शर्मा की टिप्पणी के विरोध में एआईयूडीएफ ने विधानसभा से किया बहिर्गमन

असम : शर्मा की टिप्पणी के विरोध में एआईयूडीएफ ने विधानसभा से किया बहिर्गमन

असम : शर्मा की टिप्पणी के विरोध में एआईयूडीएफ ने विधानसभा से किया बहिर्गमन
Modified Date: February 17, 2026 / 12:55 pm IST
Published Date: February 17, 2026 12:55 pm IST

गुवाहाटी, 17 फरवरी (भाषा) असम विधानसभा में विपक्षी दल एआईयूडीएफ के विधायकों ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की ओर से मिया समुदाय के खिलाफ कथित भड़काऊ बयानों पर चर्चा के लिए लाया उनका स्थगन प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद मंगलवार को विधानसभा से बहिर्गमन किया।

प्रस्ताव पेश करते हुए एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने भड़काऊ बयानों से मिया समुदाय के खिलाफ लोगों को सीधे तौर पर भड़का रहे हैं।

एआईयूडीएफ विधायक ने कहा, ‘उनके बयानों के कारण कुछ उपद्रवियों ने मिया समुदाय के लोगों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है, खासकर ऊपरी असम में। कुछ लोगों पर हमला किया गया है और उन्हें अपने कार्यस्थल छोड़ने के लिए कहा गया है।’

इस्लाम ने कहा कि ऊपरी असम के कुछ जिलों में कुछ युवकों ने मिया लोगों की खोज में घरों की तलाशी ली और मकान मालिकों से कहा कि वे अपने आवास बांग्ला भाषी मुसलमानों को किराए पर न दें।

उन्होंने कहा, ‘भारत में ऐसा कोई दूसरा राज्य नहीं है जहां राज्य के भीतर काम के लिए दूसरे जिलों में यात्रा करना भी संभव न हो। लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं और पुलिस कुछ नहीं कर रही है।’

विधानसभा अध्यक्ष विस्वजीत दैमारी ने कहा, ‘यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान इस पर चर्चा की जा सकती है। आप तब अपने मुद्दे उठा सकते हैं और मुख्यमंत्री आपके प्रश्नों का उत्तर भी दे सकते हैं।’

उन्होंने कहा कि चूंकि दिन में ‘लेखानुदान प्रस्तुत किया जाएगा, इसलिए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इसके बाद, विपक्षी सदस्यों ने फैसले के खिलाफ नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और बाहर चले गए।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा


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