असम : हिंसाग्रस्त कोकराझार के संवेदनशील इलाकों में सेना ने फ्लैग मार्च किया
असम : हिंसाग्रस्त कोकराझार के संवेदनशील इलाकों में सेना ने फ्लैग मार्च किया
(तस्वीर के साथ जारी)
गुवाहाटी, 21 जनवरी (भाषा) असम के कोकराझार जिले के संवेदनशील इलाकों में सेना ने फ्लैग मार्च किया और राज्य के दो मंत्रियों की मौजूदगी में बुधवार को शांति बैठक आयोजित की गयी। वहां भीड़ हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद आगजनी की घटनाएं तथा बोडो एवं आदिवासी समुदायों के बीच झड़पें हुई थीं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
रक्षा प्रवक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात सेना ने विश्वास कायम करने के उपायों के तहत फ्लैग मार्च किया।
उन्होंने बताया कि मंगलवार रात को सेना के जवानों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर करीगांव और उसके आसपास के प्रभावित इलाकों में गश्त की।
प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल जिले में सेना की चार टुकड़ियां तैनात हैं।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और कोकराझार तथा पड़ोसी जिले चिरांग में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून और व्यवस्था) अखिलेश सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि सेना के अलावा त्वरित प्रतिक्रिया बल (आरएएफ), सीआरपीएफ और असम पुलिस के सुरक्षाकर्मी भी प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मंगलवार शाम से कोई नयी घटना सामने नहीं आई है और स्थिति समग्र रूप से नियंत्रण में है। कोकराझार और पड़ोसी चिरांग जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
सुरक्षा बलों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करने और राहत शिविरों में शरण लिए लोगों से अपने घरों में लौटने का आग्रह करने के साथ ही स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विद्यालयों में पांच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और आसपास के गांवों से 1,200 से अधिक लोगों ने वहां शरण ली है लेकिन ‘हम उन्हें सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा रखने और अपने घरों में लौटने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं’।
जब उनसे पूछा गया कि क्या इस घटना का किसी आतंकवादी संगठन से कोई संबंध है, तो सिंह ने कहा, ‘मामले की जांच की जाएगी लेकिन फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है।’
उन्होंने कहा कि यह घटना एक दुर्घटना के कारण हुई और इससे दोनों समुदायों के बीच अविश्वास पैदा हुआ, लेकिन अब जिले में स्थिति सामान्य हो रही है।
उन्होंने कहा कि कुछ वर्ग सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, जिससे उन्हें बचना चाहिए और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आईजीपी (बीटीसी) विवेकराज सिंह ने बताया कि इस घटना में संलिप्तता के आरोप में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने स्थिति की समीक्षा करने और शांति की बहाली सुनिश्चित करने के लिए अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों जयंता मल्ला बरुआ और चरण बोरो को जिले में भेजा।
जिला प्रशासन द्वारा एक शांति बैठक का आयोजन किया गया जिसमें दोनों मंत्रियों, बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी और सभी समुदायों से संबंधित नागरिक समाज के प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया।
बरुआ ने कहा कि जिला प्रशासन प्रभावित गांवों में नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण कर रहा है और सर्वेक्षण पूरा होने के बाद मुआवजे की राशि तय की जाएगी।
मोहिलारी ने कहा कि बैठक में सभी हितधारकों ने इस बात पर सहमति जताई है कि सभी समुदायों को शांति और सद्भाव से रहना चाहिए।
गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात करीगांव चौकी के अंतर्गत मानसिंह रोड पर तीन बोडो लोगों को ले जा रही एक गाड़ी से दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर लग गई।
इसके बाद आदिवासी ग्रामीणों ने तीनों बोडो लोगों के साथ मारपीट की और वाहन को आग लगा दी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि तीन अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज हो रहा है।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब बोडो और आदिवासी दोनों समुदायों ने करीगांव चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, टायर जलाए, एक सरकारी कार्यालय में आग लगा दी और करीगांव पुलिस चौकी पर हमला कर दिया।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए।
इस बीच हमलों के डर से करीगांव के कई ग्रामीणों के घर छोड़कर जाने के बाद कोकराझार जिला प्रशासन ने करीगांव हाई स्कूल और ग्वाजनपुरी अमनपारा हाई स्कूल में दो राहत शिविर स्थापित किए हैं।
अधिकारी ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कोकराझार जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
गृह विभाग ने एहतियात के तौर पर कोकराझार और चिरांग जिलों में सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं की इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
भाषा राखी नरेश
नरेश

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