शह मात The Big Debate: मांगें होंगी पूरी या रहेंगी अधूरी? ‘हनुमान’ की संज्ञा देने से संविदा कर्मचारियों का होगा भला? देखें रिपोर्ट

MP Contract Employees News: मांगें होंगी पूरी या रहेंगी अधूरी? 'हनुमान' की संज्ञा देने से संविदा कर्मचारियों का होगा भला? देखें रिपोर्ट

शह मात The Big Debate: मांगें होंगी पूरी या रहेंगी अधूरी? ‘हनुमान’ की संज्ञा देने से संविदा कर्मचारियों का होगा भला? देखें रिपोर्ट

MP Contract Employees News | Photo Credit: IBC24 Customize

Modified Date: January 30, 2026 / 11:48 pm IST
Published Date: January 30, 2026 11:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांगें अब भी लंबित
  • सरकार ने समाधान के लिए बनाई गई समिति
  • कांग्रेस ने सरकार पर संविदा कर्मचारियों को केवल आश्वासन देने का आरोप लगाया

भोपाल: MP Contract Employees News एमपी के अलग-अलग विभागों के क़रीब ढाई लाख संविदा कर्मचारियों के संगठन शुक्रवार को राजधानी भोपाल में जुटे बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आयोजन में पहुंचे। संविदा कर्मचारियों के संगठनों को उम्मीद थी- उनकी बरसों से लंबित मांगे जैसे नियमितीकरण, महंगाई भत्ता, ई एल, मेडिकल लीव को लेकर कोई बड़ा फैसला आ सकता है। सीएम ने उनके मसले के निराकरण के लिए सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग और भारतीय मजदूर संघ की एक समिति बनाने का भी ऐलान किया और सीएम मोहन ने संविदा कर्मचारियों को सरकार का हनुमान तक बता दिया।

Contract Employees Latest News जाहिर है सरकार कुछ भी करे और कांग्रेस हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे, ये असंभव है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार- संविदा कर्मचारियों के लिए 2023 की नीति को लागू नहीं कर रही। हर बार उन्हें झुनझुना ही पकड़ा देती है।

कुलमिलाकर एमपी में एक बार फिर संविदा कर्मचारियों पर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। सूबे के 34 विभागों में संविदा कर्मचारी काम करते हैं। इनमें विद्युत् सहित कुछ विभाग ऐसे हैं जहां जोखिम वाले काम भी इन्हें करने पड़ते हैं, लेकिन सवाल ये है कि इन्हें सिर्फ हनुमान की संज्ञा दे देने से क्या ये महाबली हो जायेंगे? इनके लिए तीन साल पहले बनी नीति में अब तक यथावत अमल क्यूँ नहीं हुआ। सवाल ये भी कि क्या सरकार ओबीसी आरक्षण और संविदा कर्मचारियों के मसले को विधानसभा चुनावों के मुहाने तक जानबूझकर खींचकर ले जाना चाहती है ताकि उस वक्त अपने समर्थन में सबसे बड़ा वोट बैंक खड़ा कर सके।

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