उपग्रह बनाने के लिए साझेदार के चयन के अंतिम चरण में असम सरकार: हिमंत

उपग्रह बनाने के लिए साझेदार के चयन के अंतिम चरण में असम सरकार: हिमंत

उपग्रह बनाने के लिए साझेदार के चयन के अंतिम चरण में असम सरकार: हिमंत
Modified Date: August 23, 2026 / 11:10 pm IST
Published Date: August 23, 2026 11:10 pm IST

गुवाहाटी, 23 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार अपना उपग्रह प्रक्षेपित करने के लिए निजी क्षेत्र से साझेदार चुनने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है।

शर्मा ने दावा किया कि असम भारत का पहला ऐसा राज्य होगा, जिसके पास अपनी पृथ्वी अवलोकन प्रणाली होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ‘डीबीएलओटीटी मॉडल’ के तहत उपग्रह संचालित करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘इस साल की शुरुआत में हमने डीबीएलओटीटी मॉडल (डिजाइन, निर्माण, प्रक्षेपण, संचालन, प्रशिक्षण और हस्तांतरण) के तहत कार्यान्वयन साझेदार का चयन करने के लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित की थी।’’

शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत की निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों की ओर से मजबूत रुचि दिखाए जाने के बाद अब हम साझेदार के चयन के अंतिम और महत्वपूर्ण चरण में हैं। इसके लिए गठित समितियां प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही हैं।’’

उन्होंने कहा कि ‘असमसैट’ एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। शर्मा ने कहा कि असम अब केवल उपग्रह डेटा का उपयोग करने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र में सक्रिय भागीदार बनेगा। इससे शासन व्यवस्था में तेजी आएगी और फैसले साक्ष्यों पर आधारित होंगे।

पिछले साल मार्च में 2025-26 का राज्य बजट पेश करते हुए तत्कालीन वित्त मंत्री अजंता नियोग ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार अपना उपग्रह बनाएगी।

उन्होंने कहा था कि इससे महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए डेटा जुटाने में मदद मिलेगी और राज्य की सीमा पर निगरानी भी रखी जा सकेगी।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में