नीटप्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेगी असम सरकार

नीटप्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेगी असम सरकार

नीटप्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेगी असम सरकार
Modified Date: July 28, 2026 / 10:48 am IST
Published Date: July 28, 2026 10:48 am IST

गुवाहाटी, 28 जुलाई (भाषा) असम सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने तथा इस दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने का फैसला किया है। यह जानकारी एक आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है।

छात्रों और युवाओं के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों के सिलसिले में राज्य में कुल पांच मामले दर्ज किए गए, जिनमें 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

सोमवार देर रात जारी अधिसूचना में कहा गया है कि गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाएगा और प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

गृह एवं राजनीतिक विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय तिवारी द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय ‘‘स्थिति के सभी पहलुओं पर विचार करने तथा इसके परिणामस्वरूप परीक्षा और उच्च शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुदृढ़ करने एवं आवश्यक संस्थागत सुधारों की जरूरत’’ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

अधिसूचना के अनुसार, सभी मामलों को कानून के प्रावधानों के अनुरूप वापस लेने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। गिरफ्तारियों और हिरासत के बारे में इसमें कहा गया है कि मामलों की समीक्षा कर संबंधित व्यक्तियों की रिहाई की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी।

अधिसूचना के अनुसार, राज्य का कोई भी पुलिस प्राधिकारी इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं करेगा।

गुवाहाटी में 23 जुलाई को नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ,सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक तथा शिक्षा में सुधारों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त की।

भाषा खारी शोभना

शोभना


लेखक के बारे में