असम चुनाव: भाजपा के घोषणापत्र में मूल निवासियों की सुरक्षा और पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा

असम चुनाव: भाजपा के घोषणापत्र में मूल निवासियों की सुरक्षा और पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा

असम चुनाव: भाजपा के घोषणापत्र में मूल निवासियों की सुरक्षा और पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा
Modified Date: March 31, 2026 / 09:46 pm IST
Published Date: March 31, 2026 9:46 pm IST

गुवाहाटी, 31 मार्च (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें मूल निवासियों की जमीन, विरासत और सम्मान की सुरक्षा करने तथा बुनियादी ढांचा के लिए पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया है।

भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में 31 वादे किये गए हैं, जिनमें ‘‘बांग्लादेशी मियां’’ द्वारा अतिक्रमण की गई जमीन वापस लेना, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना शामिल है।

घोषणापत्र में असम के मूल निवासियों की जमीन, विरासत और गरिमा की रक्षा का वादा किया गया है, जिसके लिए आप्रवासी (असम से निष्कासन) अधिनियम, 1950 को लागू करके अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

भाजपा ने यह वादा भी किया कि वह समान नागरिक संहिता लागू करके संविधान की छठी अनुसूची और जनजातीय क्षेत्रों को छोड़कर असम के लोगों की सभ्यता, विरासत और अधिकारों की रक्षा के लिए कानून को मजबूत करेगी, ताकि जातीय समुदायों के अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।

‘मिशन वसुंधरा’ योजना के तहत पार्टी ने ‘‘अवैध प्रवासियों द्वारा किए गए हर अतिक्रमण को हटाकर असम के वास्तविक नागरिकों को भूमि अधिकार देने’’ का वादा किया है।

घोषणापत्र में यह आश्वासन भी दिया गया है कि अगर भाजपा असम में फिर से सरकार बनाती है, तो सत्रों, नामघरों, देवालयों और अन्य पूजा स्थलों की अतिक्रमित जमीन मुक्त कराई जाएगी।

घोषणापत्र के अनुसार, पार्टी ‘लव जिहाद’ की समस्या को समाप्त करने के लिए प्रभावी कानून बनाएगी और ‘भूमि जिहाद’ से निपटने के लिए कड़े कदम उठाएगी।

पार्टी ने वादा किया कि असम को भारत का ‘‘पूर्वी प्रवेश द्वार’’ बनाने के लिए असम गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, ताकि सड़क, हवाई, जलमार्ग और रेल परियोजनाओं का समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

भाजपा ने छह समुदायों – कोच राजबोंगशी, ताई अहोम, आदिवासी और चाय जनजाति, चुटिया, मोरन और मटक – को अनुसूची में शामिल करने की जीओएम (मंत्रियों के समूह) की सिफारिश को लागू करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालने का भी वादा किया। साथ ही मौजूदा अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के संवैधानिक, सामाजिक और आर्थिक अधिकारों की रक्षा करने का भी आश्वासन दिया।

भाजपा ने केंद्र से आग्रह करने का भी संकल्प लिया कि वह सात समुदायों – बिष्णुप्रिया मणिपुरी, भर या राजभर, नेवार, भुजेल, साबर, सतनामी और किरण शीख – को राज्य ओबीसी सूची में उनकी मौजूदा मान्यता के अनुरूप अन्य पिछड़ा वर्ग की केंद्रीय सूची में शामिल करने पर विचार करे।

इसने मिसिंग, राभा, सोनोवाल कछारी, थेंगल कछारी, देवरी, तिवा और बोरो कछारी जनजातियों की स्वायत्त परिषदों को संवैधानिक दर्जा देने की दिशा में काम करने का भी वादा किया।

पार्टी ने आदिवासी क्षेत्रों और ब्लॉक की रक्षा करके और वन अधिकार अधिनियम, 2006 को अक्षरशः लागू कर आदिवासी और मूल समुदायों के लिए समावेशी विकास और भूमि सुरक्षा का भी आश्वासन दिया।

भाजपा ने चाय बागान जनजाति समुदायों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने का वादा किया, जिसके तहत सभी पात्र चाय बागान परिवारों को भूमि पट्टे उपलब्ध कराए जाएंगे, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर सुनिश्चित किए जाएंगे, मौजूदा घरों वाले भूमि पट्टा लाभार्थियों को मरम्मत और रखरखाव के लिए 75,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे और चरणबद्ध तरीके से मजदूरी में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।

पार्टी ने वेतन संरचनाओं का आकलन करने और वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए समिति का गठन करने, ‘प्रधानमंत्री चा श्रमिक प्रोत्साहन योजना’ को लागू करने और वैश्विक बाजारों पर कब्जा करने और खरीदी गई पत्तियों के लिए स्थिर कीमतें सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक, विशिष्ट और सुगंधित चाय को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने का भी वादा किया।

साथ ही, इसने वादा किया कि राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ शुरू किया जाएगा।

भाजपा ने दो लाख सरकारी नौकरियां प्रदान करने और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता के अधिक अवसर पैदा करने का वादा किया। साथ ही ‘अरुनोदोई’ योजना के तहत महिला लाभार्थियों को मिलने वाले वित्तीय लाभ को वर्तमान 1,250 रुपये से बढ़ाकर चरणबद्ध तरीके से 3,000 रुपये करने का वादा भी किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में, पार्टी असम को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए भारत का अग्रणी केंद्र बनाने और प्रोटॉन थेरेपी के माध्यम से उन्नत कैंसर उपचार के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

भाजपा ने वादा किया कि ‘एक जिला, एक विश्वविद्यालय’ पहल शुरू की जाएगी और असम में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज का व्यापक कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा।

पार्टी ने ‘मुख्यमंत्री कृषि सा सजुली योजना’ का दायरा पीएम-किसान लाभार्थियों तक बढ़ाकर किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करने का भी संकल्प लिया है, जिससे प्रत्येक पात्र लघु एवं सीमांत किसान को 11,000 रुपये की वार्षिक सहायता सुनिश्चित होगी।

भाजपा कृषि बाजार अवसंरचना और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को आधुनिक बनाने और मजबूत करने के लिए ‘असम कृषि उन्नयन अभियान’ भी शुरू करेगी।

भाजपा ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य 2031 तक अर्थव्यवस्था को दोगुना करके 150 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना और 2036 तक इसे 300 अरब अमेरिकी डॉलर तक विस्तारित करना है।

इस दौरान सीतारमण ने कहा कि यह घोषणापत्र ‘‘राज्य के एक दशक के परिवर्तन पर आधारित है, जिसे कांग्रेस 60 वर्षों में हासिल नहीं कर पाई।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का पूर्वोत्तर के दीर्घकालिक विकास पर कोई ध्यान नहीं था।

सीतारमण ने दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार के दौरान व्यापक विकास हुआ और कई युवा असमिया ने ‘‘मजबूरी नहीं, बल्कि अवसरों के कारण’’ विदेश से नौकरी छोड़कर असम लौटना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने असम में शांति बहाल की। केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि विकास केवल स्थिरता होने पर ही संभव है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘कांग्रेस की नीतियों के कारण असम 32 साल तक अफस्पा के अधीन रहा, लेकिन भाजपा ने अधिकांश राज्यों से इस कानून को हटवाया।’’

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्रा मार्गरीटा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, राज्य के मंत्री और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद थे।

राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को चुनाव होना है, जबकि मतगणना चार मई को होगी।

भाषा अमित अविनाश

अविनाश


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