असम: चुनावी रैली में ‘अपमानजनक’ टिप्पणी को लेकर आरएसएस ने खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई

असम: चुनावी रैली में ‘अपमानजनक’ टिप्पणी को लेकर आरएसएस ने खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई

असम: चुनावी रैली में ‘अपमानजनक’ टिप्पणी को लेकर आरएसएस ने खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई
Modified Date: April 8, 2026 / 01:24 pm IST
Published Date: April 8, 2026 1:24 pm IST

गुवाहाटी, आठ अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा असम में एक चुनावी रैली के दौरान संगठन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तुलना ‘जहरीले सांप’ से करने के लिए उनके खिलाफ राज्य के दो थानों में शिकायत दर्ज कराई है।

आरएसएस के एक प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण असम में हाल में हुई एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर ‘अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बयान’ दिए जाने के मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

शिकायतों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने श्रीभूमि जिले के करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के नीलमबाजार में एक चुनावी रैली के दौरान विवादास्पद टिप्पणी की थी।

शिकायत में खरगे के हवाले से कहा गया है, ‘‘अगर नमाज पढ़ते समय आपके सामने कोई जहरीला सांप रेंग रहा हो, तो आपको नमाज रोककर तुरंत उस जहरीले सांप को मारना चाहिए – कुरान में यही करने का आदेश है। मैं आपको बताता हूं कि आरएसएस और भाजपा उसी जहरीले सांप की तरह हैं।’’

आरएसएस ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया कि इस तरह की टिप्पणियां ‘‘भड़काऊ प्रकृति की हैं तथा आरएसएस और भाजपा के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के खिलाफ शत्रुता, धमकी और हिंसा को उकसा सकती हैं’’।

शिकायतों में बताया गया कि यह बयान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 83 के तहत ‘भ्रष्ट चुनावी आचरण’ है और टिप्पणियों ने आपराधिक रूप से जनता को डराया और विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक समूहों के समर्थकों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा दिया।

शिकायतों में कहा गया है कि आरएसएस और भाजपा की विचारधारा को ‘‘जहरीला’’ बताना और उनके उन्मूलन की मांग करना, ‘‘इन संगठनों के सदस्यों और समर्थकों को शारीरिक चोट पहुंचाने के लिए उकसा’’ सकता है।

आरएसएस ने कहा कि खरगे की टिप्पणियां हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देने का प्रयास हैं, जिससे असम में सार्वजनिक शांति और सद्भाव बिगड़ सकता है तथा चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि यदि अधिकारियों द्वारा इन बयानों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो ये सांप्रदायिक तनाव या झड़पों को जन्म दे सकते हैं।

आरएसएस के उत्तर असम सचिव खगेन सैकिया ने दिसपुर थाने में और दक्षिण असम के सचिव ज्योत्स्नमोय चक्रवर्ती ने सिलचर थाने में शिकायतें दर्ज कराईं।

भाजपा ने भी मंगलवार को इन्हीं आरोपों को लेकर बसिष्ठा थाने और निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


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