India Coal and Power Production: क्या भारत में है कोयले का संकट?.. युद्ध के बीच देश के बिजलीघरों की क्या है स्थिति?.. मोदी सरकार ने दी राहत भरी खबर

India Coal and Power Production: भारत में कोयले की कोई कमी नहीं, सरकार ने बताया बिजली उत्पादन स्थिर और भंडार पर्याप्त, उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी।

India Coal and Power Production: क्या भारत में है कोयले का संकट?.. युद्ध के बीच देश के बिजलीघरों की क्या है स्थिति?.. मोदी सरकार ने दी राहत भरी खबर

India Coal and Power Production || Image- SECL File

Modified Date: April 8, 2026 / 06:00 pm IST
Published Date: April 8, 2026 5:59 pm IST
HIGHLIGHTS
  • देश में कोयले की कोई कमी नहीं
  • बिजली उत्पादन पूरी तरह स्थिर
  • कोयला उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

नई दिल्ली: कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजीव कुमार कस्सी ने भरोसा दिलाया है कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है और बिजली उत्पादन पूरी तरह स्थिर है। (India Coal and Power Production) उन्होंने कहा कि खदानों, बिजली संयंत्रों, बंदरगाहों और परिवहन केंद्रों पर पर्याप्त कोयला भंडार मौजूद है, जिससे जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं तक तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में बिजली उत्पादन खपत के अनुरूप हो रहा है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।

जानें देश में किस गति से हो रहा कोयला उत्पादन

इससे पहले 2 अप्रैल को कोयला मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाणिज्यिक और कैप्टिव खनन से कोयला उत्पादन और प्रेषण 200 मिलियन टन से अधिक हो गया है, जिसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। आंकड़ों के अनुसार, कुल उत्पादन 210.46 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष के 190.95 मिलियन टन की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है। वहीं, आपूर्ति 204.61 मिलियन टन रही, जो सालाना आधार पर 7.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

उत्पादन क्षमता में 86 मिलियन टन से अधिक की बढ़ोतरी

मंत्रालय के अनुसार, यह वृद्धि बेहतर संचालन, मजबूत लॉजिस्टिक्स और बढ़ती मांग को पूरा करने की क्षमता को दर्शाती है। इस दौरान 12 नए कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों को शुरू किया गया, जिससे उत्पादन क्षमता में 86 मिलियन टन से अधिक की बढ़ोतरी हुई। (India Coal and Power Production) साथ ही एक ही वित्तीय वर्ष में 7 ब्लॉकों में उत्पादन शुरू होना तेज परियोजना क्रियान्वयन और बेहतर समन्वय का संकेत है। तुलना करें तो वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्पादन 115.78 मिलियन टन था, जो अब 2025-26 में करीब 88 प्रतिशत तक बढ़ चुका है।

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