असम में शुरू होगी आपातकालीन मोबाइल अलर्ट प्रणाली, नागरिकों को मिलेगी आपदा की पूर्व चेतावनी

असम में शुरू होगी आपातकालीन मोबाइल अलर्ट प्रणाली, नागरिकों को मिलेगी आपदा की पूर्व चेतावनी

असम में शुरू होगी आपातकालीन मोबाइल अलर्ट प्रणाली, नागरिकों को मिलेगी आपदा की पूर्व चेतावनी
Modified Date: June 4, 2026 / 03:08 pm IST
Published Date: June 4, 2026 3:08 pm IST

गुवाहाटी, चार जून (भाषा) असम प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह आने वाले दिनों में पूरे राज्य में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई सार्वजनिक चेतावनी प्रणाली – सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (सीबीएस) – को लागू करेगा।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और गृह मंत्रालय के सहयोग से सी-डॉट ने सीबीएस को विकसित किया है। सी-डॉट दूर संचार विभाग की एक इकाई है। सीबीएस अधिकारियों को किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर तत्काल और स्थान-विशिष्ट आपातकालीन चेतावनी संदेश भेजने में सक्षम बनाता है।

सीबीएस को असम सहित पूरे देश में लागू करने के लिए उपलब्ध कराया गया है और मई में इसका राष्ट्रव्यापी परीक्षण भी किया गया था। यह प्रणाली कई राज्यों में वास्तविक आपदाओं के दौरान अपनी प्रभावशीलता साबित कर चुकी है।

एएसडीएमए ने एक बयान में कहा, ‘‘हालांकि असम समेत उन सभी प्रदेशों को इस परीक्षण से बाहर रखा गया था, जहां (विधानसभा चुनाव के कारण) आदर्श आचार संहिता लागू थी। इसलिए अब केंद्र के निर्देश पर प्रदेश सरकार राज्यभर में इस प्रणाली को लागू करने की योजना बना रही है।’’

सीबीएस के माध्यम से संभावित आपदाओं से संबंधित महत्वपूर्ण और समय के हिसाब से संवेदनशील चेतावनी संदेश किसी निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल उपकरणों तक पहुंचाए जाते हैं, चाहे संदेश प्राप्त करने वाले उस क्षेत्र के निवासी हों या आगंतुक।

एएसडीएमए ने कहा, ‘‘सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (सीबीएस) के क्रियान्वयन के दौरान नागरिकों को आपदाओं से संबंधित आपातकालीन चेतावनी संदेश उनके मोबाइल उपकरणों पर प्राप्त हो सकते हैं। सीबीएस अलर्ट अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, जिनके प्राप्त होते ही मोबाइल फोन पर लगभग 30 सेकंड तक तेज़ ध्वनि वाला अलार्म या नोटिफिकेशन बजता है।’’

बयान में कहा गया है कि ये अलर्ट केवल अधिकृत सरकारी एजेंसियों द्वारा वास्तविक आपात स्थितियों के दौरान जारी किए जाने वाले आधिकारिक संदेश होते हैं। इनमें तूफान, भारी वर्षा, आकाशीय बिजली, चक्रवात और बाढ़ जैसी चरम मौसम संबंधी परिस्थितियां या गैस रिसाव जैसी अन्य आपदाएं शामिल हैं।

भाषा रंजन वैभव

वैभव


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