जयपुर, 17 जनवरी (भाषा) राजस्थान और विशेष रूप से रेगिस्तान की कठिन परिस्थितियों में जीवन पर आधारित कहानी संग्रह ‘बवालिस्तान’ का जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) में शनिवार को विमोचन किया गया।
वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि इस किताब की कुछ कहानियां सीमावर्ती राज्य से आने वाले अन्य रचनाकारों की तरह ही सरहद के आर-पार देखने की संवदेना रखती हैं। युवा लेखिका तसनीम ख़ान के कहानी संग्रह ‘बवालिस्तान’ का प्रकाशन अनबाउंड स्क्रिप्ट ने किया है।
भारद्वाज ने कहा कि इस कथा-संग्रह में तसनीम की कुछ कहानियां सीमावर्ती राज्यों से आने वाले अन्य रचनाकारों की तरह सरहद के आर-पार देखने की संवेदना रखती हैं।
पेशे से पत्रकार तसनीम ने विमोचन समारोह में कहा कि ‘बवालिस्तान’ बंटवारे के भीतर छिपे कई और बंटवारों की कहानियां हैं।
उन्होंने कहा कि ये कहानियां मूलतः राजस्थान की हैं और कुछ हद तक रेगिस्तान की भी, जहां जीवन कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पूरी जीवटता के साथ चलता है।
उन्होंने कहा कि ये कहानियां प्रेम और मनुष्यता की कहानियां हैं और उनके अनुसार प्रेम से बड़ा कोई प्रतिरोध संभव नहीं है।
तसनीम ने कहा कि ‘बवालिस्तान’ की कहानियां अपने समय की राजनीति से भी मुठभेड़ करती दिखती हैं।
भाषा संतोष सिम्मी
सिम्मी