नेहरू-गांधी परिवार से प्रधानमंत्री बनना बीते जमाने की बात हो गई: भाजपा का राहुल पर कटाक्ष

नेहरू-गांधी परिवार से प्रधानमंत्री बनना बीते जमाने की बात हो गई: भाजपा का राहुल पर कटाक्ष

नेहरू-गांधी परिवार से प्रधानमंत्री बनना बीते जमाने की बात हो गई: भाजपा का राहुल पर कटाक्ष
Modified Date: June 19, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: June 19, 2026 8:34 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को राहुल गांधी के 56वें ​​जन्मदिन पर उन पर निशाना साधा और उन्हें भावी प्रधानमंत्री के तौर पर पेश करने संबंधी कांग्रेस के प्रयासों को खारिज करते हुए कहा कि नेहरू-गांधी परिवार से प्रधानमंत्री बनना अब ‘‘बीते जमाने की बात’’ हो गई है।

भाजपा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की छवि को नये सिरे से गढ़ने के बार-बार के प्रयास जन समर्थन हासिल करने में नाकाम रहे हैं। केंद्र में सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस नेता को ‘‘तुच्छ और शरारतपूर्ण’’ गतिविधियों में शामिल होने के बजाय जमीनी स्तर पर गंभीरता से काम करने की चुनौती दी।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नेहरू-गांधी परिवार का कोई सदस्य राजीव गांधी के बाद (प्रधानमंत्री) पद पर आसीन नहीं हुआ है।

कांग्रेस नेताओं द्वारा राहुल गांधी को भावी प्रधानमंत्री के तौर पर पेश करने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के इस हालिया दावे के बारे में पूछे जाने पर कि केंद्र की (नरेन्द्र मोदी) सरकार एक साल के भीतर गिर जाएगी, उन्होंने कहा, ‘‘नेहरू-गांधी परिवार का कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री बने, यह अब बीते जमाने की बात हो गई है। नेहरू-गांधी परिवार से अंतिम प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। 1989 से अब तक 37 साल बीत चुके हैं।’’

त्रिवेदी ने कहा, ‘‘आज के समय में, यदि वे भविष्य में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बारे में बात कर रहे हैं, तो उन्हें तुच्छ और शरारतपूर्ण गतिविधियों के बजाय जमीनी स्तर पर कुछ ठोस काम करना होगा।’’

राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन उन्हें भगवान परशुराम के रूप में प्रदर्शित कर मनाने वाले युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कड़ा जवाब देते हुए त्रिवेदी ने कहा कि यह तय करना ‘‘लोगों के विवेक’’ पर छोड़ देना चाहिए कि इस दिन को कैसे मनाया जाए।

वाराणसी में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन, गंगा नदी में उनकी तस्वीर पर दूध चढ़ाने सहित प्रतीकात्मक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ मनाये जाने के बाद भाजपा की यह प्रतिक्रिया आई।

त्रिवेदी ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन ‘बाल दिवस’ के तौर पर मनाया जाता था और राहुल गांधी का जन्मदिन किस रूप में मनाया जाना चाहिए, यह तय करना वह लोगों के विवेक पर छोड़ रहे हैं।

जन्मदिन के जश्न के दौरान इस्तेमाल की गई तस्वीर में राहुल को भगवान परशुराम के रूप में दर्शाया गया, जिनके एक हाथ में फरसा और दूसरे हाथ में संविधान की प्रति थी।

विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने दावा किया कि ‘इंडिया’ गठबंधन अब अप्रासंगिक हो गया है।

बृहस्पतिवार को हुए राज्यसभा चुनावों में, झारखंड में राजग समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार से कांग्रेस प्रत्यशी को मिली शिकस्त पर उन्होंने दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनावों के लिए सीट-बंटवारे की बातचीत के दौरान ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों के बीच अविश्वास खुल कर सामने आ गया था।

हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कहा, ‘‘द्रमुक के अलग होने के बाद, दक्षिण भारत में उनके पास सिर्फ एक सहयोगी बचा है — मुस्लिम लीग। इसके अलावा, वहां उनका कोई और सहयोगी नहीं है।’’

भाजपा नेताओं के तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना जैसी पार्टियों के नेताओं के संपर्क में होने से जुड़ी खबरों के बारे में पूछे जाने पर त्रिवेदी ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

रविवार को दोबारा होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर चिंताओं और इस मुद्दे पर चल रहे राजनीतिक विवाद पर त्रिवेदी ने कहा कि सरकार सतर्क है और परीक्षा को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जिस तरह से राहुल गांधी को भगवान (विष्णु) के अवतार परशुराम जी के रूप में दिखाया गया है, उससे पता चलता है कि वे लगातार हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं।’’

वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने दिखा दिया है कि कांग्रेस 365 दिनों में से सिर्फ एक दिन हिंदुओं को याद रखेगी, जबकि बाकी 364 दिन वे तुष्टीकरण की राजनीति करेंगे।’’

भाषा सुभाष संतोष

संतोष


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