बहबल कलां गोलीबारी मामला: एसआईटी ने भाजपा नेता सांपला को फिर तलब किया

बहबल कलां गोलीबारी मामला: एसआईटी ने भाजपा नेता सांपला को फिर तलब किया

बहबल कलां गोलीबारी मामला: एसआईटी ने भाजपा नेता सांपला को फिर तलब किया
Modified Date: June 24, 2026 / 10:36 pm IST
Published Date: June 24, 2026 10:36 pm IST

होशियारपुर, 24 जून (भाषा) साल 2015 के बहबल कलां गोलीबारी मामले की जांच कर रहे पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सांपला को नया समन जारी कर 28 जून को उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।

यह समन सांपला के एसआईटी के सामने पेश होने के एक दिन बाद जारी किया गया।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-179 (1) के तहत जारी किए गए नोटिस में सांपला को पूछताछ और अपना बयान दर्ज कराने के लिए पूर्वाह्न 11 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-32सी स्थित पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (पीपीओई) में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि एसआईटी का मानना ​​है कि सांपला इन मामलों से जुड़े तथ्यों और हालात से वाकिफ हैं। इसमें चेतावनी दी गई है कि समन का पालन न करने पर कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

सांपला ने बुधवार को होशियारपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वह जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन जिन दस्तावेजों के आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही है, वे पहले उन्हें उपलब्ध कराए जाएं।

भाजपा नेता ने कहा, “मैं एसआईटी के साथ सहयोग करने को तैयार हूं, लेकिन पहले दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि मैं उनकी जांच कर सकूं और अपना बयान दर्ज करा सकूं। वरना, मेरा और एसआईटी दोनों का समय बर्बाद होगा।”

सांपला ने कहा कि 23 जून को एसआईटी के सामने पेश होने पर उन्हें जानकारी दी गई कि उनसे पूछताछ 2018 में पंजाब के राज्यपाल को सौंपे गए एक ज्ञापन से जुड़ी थी।

भाजपा नेता ने कहा कि अपना बयान दर्ज कराने से पहले जांच का आधार समझने के लिए उन्होंने उस ज्ञापन की एक प्रति मांगी थी।

उन्होंने कहा, “ज्ञापन 2018 में सौंपा गया था और लगभग आठ-नौ साल बीत चुके हैं। उस समय भाजपा का शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन था और कोई भी ज्ञापन संयुक्त रूप से सौंपा गया होगा। मुझे यह देखना होगा कि किस दस्तावेज की बात हो रही है और उसमें मेरी क्या भूमिका थी।”

साल 2015 में फरीदकोट के बरगारी में कई घटनाएं हुई थीं। बुर्ज जवाहर सिंह वाला गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब की एक ‘बीर’ (प्रति) की चोरी, बरगारी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला में हाथ से लिखे अपमानजनक पोस्टर लगाए जाना और बरगारी में पवित्र ग्रंथ के फटे हुए पन्ने मिलना। इन घटनाओं के कारण फरीदकोट में बेअदबी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए थे।

अक्टूबर 2015 में बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की गोलीबारी में बहबल कलां में दो लोगों (गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह) की मौत हो गई, जबकि फरीदकोट के कोटकपुरा में कुछ अन्य लोग घायल हो गए।

भाषा पारुल माधव

माधव


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