बेहबल कलां पुलिस गोलीकांड: पुलिस पुलिस की एसआईटी ने फरीदकोट का दौरा किया

बेहबल कलां पुलिस गोलीकांड: पुलिस पुलिस की एसआईटी ने फरीदकोट का दौरा किया

बेहबल कलां पुलिस गोलीकांड: पुलिस पुलिस की एसआईटी ने फरीदकोट का दौरा किया
Modified Date: July 2, 2026 / 10:24 pm IST
Published Date: July 2, 2026 10:24 pm IST

चंडीगढ़, दो जुलाई (भाषा) पंजाब में 2015 के बेहबल कलां पुलिस गोलीकांड की जांच कर रहे राज्य पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बृहस्पतिवार को फरीदकोट का दौरा किया।

फरीदकोट में 2015 में बेअदबी की घटनाएं हुई थीं। जांच के तहत, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) हरजीत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी ने फरीदकोट जिले के गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला, बरगाड़ी और बेहबल कलां का दौरा किया।

डीआईजी ने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच चंडीगढ़ में जब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से फरीदकोट में एसआईटी के दौरे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पुलिस को शायद कुछ नए साक्ष्य मिले हैं और इसी कारण वह मामले की आगे जांच कर रही है।

चीमा ने कहा कि जो भी गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी में शामिल था या जिसने साजिश रची थी या जिसने दोषियों को संरक्षण दिया था, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने एसआईटी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने पिछले अकाली शासन के दौरान हुई गोलीबारी की घटना के लिए सिखों के सर्वोच्च तख्त के समक्ष ‘जिम्मेदारी स्वीकार’ की थी।

एसआईटी ने पिछले महीने ज्ञानी रघबीर सिंह से यह पूछने के लिए संपर्क किया था कि क्या बादल ने 2024 में अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित होने पर गोलीबारी की घटना के लिए ‘जिम्मेदारी स्वीकार’ की थी।

बादल ने तब आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को चुनौती दी थी कि वह उनके खिलाफ जितने भी चाहें उतने मामले दर्ज कर लें।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


लेखक के बारे में