छात्रों की कमी, बुनियादी ढांचे के अभाव में 250 मदरसे बंद करेगी बंगाल सरकार

छात्रों की कमी, बुनियादी ढांचे के अभाव में 250 मदरसे बंद करेगी बंगाल सरकार

छात्रों की कमी, बुनियादी ढांचे के अभाव में 250 मदरसे बंद करेगी बंगाल सरकार
Modified Date: September 23, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: September 23, 2026 10:32 pm IST

कोलकाता, 23 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने बुधवार को 250 सरकारी मान्यता प्राप्त निजी मदरसों को धीरे-धीरे बंद करने का सैद्धांतिक रूप से फैसला किया। इनमें से ज्यादातर में छात्रों की संख्या बहुत कम या नगण्य है और बुनियादी ढांचा भी पर्याप्त नहीं है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि राज्यभर के इन मदरसों को वर्तमान में नामांकित कुछ छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए दिसंबर तक कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी जाएगी, जिसके बाद इन्हें बंद कर दिया जाएगा।

मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 1.51 लाख कर्मियों की भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

अधिकारी ने कहा, “मंत्रिमंडल ने ऐसे 250 निजी मदरसों को बंद करने का सैद्धांतिक रूप से फैसला किया है, जहां पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं है और छात्रों की संख्या बहुत कम है। इन्हें दिसंबर तक संचालन की अनुमति दी जाएगी।”

उन्होंने बताया कि इन संस्थानों से संबंधित रिपोर्ट दुर्गा पूजा उत्सव से पहले मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

यह कदम राज्य सरकार की ओर से 252 गैर-अधिकृत मदरसों को बंद करने और करीब 100 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। राज्यव्यापी सर्वेक्षण में पाया गया था कि इनमें से कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी और बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं।

अधिकारी ने कहा कि भविष्य में बिना सरकारी पंजीकरण के संचालित करीब 2,500 मदरसों को भी चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने कथित अनियमितताओं को लेकर 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

अधिकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 1.51 लाख कर्मियों की भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस में 16,000 पद शामिल हैं।

इनमें से 12,000 कर्मियों की भर्ती पश्चिम बंगाल पुलिस में और 4,000 की कोलकाता पुलिस में की जाएगी।

वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा, “सरकार चाहती है कि सभी विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज की जाए और रिक्त पदों को भरा जाए, ताकि सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों। संबंधित विभागों से भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने को कहा गया है।”

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी विभागों को भर्ती से जुड़े मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और बजट आवंटन का उपयोग निर्धारित योजनाओं के अनुसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

मंत्रिमंडल ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के निमतौड़ी में नया सुधार गृह स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी और आयुष को अलग विभाग का दर्जा दिया।

सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पुस्तकालय अनुदान योजना के तहत आश्रम छात्रावासों के लिए अनुदान राशि 1,800 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये करने का फैसला किया।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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