पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि, निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि, निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि, निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
Modified Date: September 23, 2026 / 10:40 pm IST
Published Date: September 23, 2026 10:40 pm IST

देहरादून, 23 सितंबर (भाषा) निठारी कांड के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि उसने छत के पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

नोएडा के निठारी कांड से जुड़े सभी मामलों में पिछले साल अदालत से बरी हुआ कोली 18 सितंबर को हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में स्थित अपनी चाय की दुकान में मृत मिला था।

हरिद्वार के नगर पुलिस क्षेत्राधिकारी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि कोली ने अपनी चाय की दुकान में छत के पंखे से लटककर आत्महत्या की।

उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, कोली की गर्दन पर फंदे के स्पष्ट निशान मिले हैं, लेकिन उसके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि कोली के वजन के कारण रस्सी टूट गई होगी, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद उसके मुंह और नाक से खून निकला होगा। रिपोर्ट में शरीर पर किसी अन्य चोट का उल्लेख नहीं है।

पुलिस कोली की मौत के संभावित कारणों के तौर पर आर्थिक तंगी और निजी तनाव की भी जांच कर रही है। अधिकारी के मुताबिक, कोली हरिद्वार में काम तलाशने के लिए संघर्ष कर रहा था और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा था।

इस मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कोली ने चाय की दुकान शुरू करने के लिए 5,000 रुपये उधार लिए थे और मौत से तीन-चार दिन पहले ही दुकान शुरू की थी।

अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की है, लेकिन उसमें कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली।

उन्होंने बताया कि कोली बेहद कठिन परिस्थितियों में रह रहा था और कम समय में ही उसे हरिद्वार में चार कमरे बदलने पड़े थे।

अधिकारी ने कहा कि वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और आधार कार्ड तथा पुलिस सत्यापन नहीं होने के कारण उसे बार-बार नौकरी छोड़नी पड़ी।

अधिकारी के अनुसार, कोली करीब एक महीने पहले हरिद्वार आया था। जानकारी मिली है कि हरिद्वार आने से पहले वह बेंगलुरु में कुछ वकीलों और एक चर्च के संपर्क में भी रहा था।

हालांकि, कोली के परिजनों ने उसकी मौत पर सवाल उठाते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

भाषा

दीप्ति रवि कांत


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