पिछली सरकारों की स्वास्थ्य ढांचे की अनदेखी का खामियाजा भुगत रहा बंगाल: मुख्यमंत्री

पिछली सरकारों की स्वास्थ्य ढांचे की अनदेखी का खामियाजा भुगत रहा बंगाल: मुख्यमंत्री

पिछली सरकारों की स्वास्थ्य ढांचे की अनदेखी का खामियाजा भुगत रहा बंगाल: मुख्यमंत्री
Modified Date: July 1, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: July 1, 2026 3:31 pm IST

कोलकाता, एक जुलाई (भाषा) ‘चिकित्सक दिवस’ के मौके पर, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को “जर्जर” हालत में छोड़ दिया था और उनकी सरकार इसके नतीजों से निपट रही है।

यह दिन मशहूर चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बिधान चंद्र रॉय के सम्मान में मनाया जाता है, जिनकी जयंती और पुण्यतिथि दोनों एक जुलाई को ही आती हैं।

इस मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों की हालत की ओर ध्यान दिलाया।

उन्होंने कहा, “क्या राज्य के अस्पतालों की यह खराब हालत सही है? पश्चिम बंगाल में दुनिया के किसी भी देश से मुकाबला करने की काबिलियत है। लेकिन पिछली सरकार के कार्यकाल में क्या हुआ?”

राज्य के स्वास्थ्य देखभाल सेक्टर को फिर से बेहतर बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान करते हुए, राज्य में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को “जर्जर” हालत से बाहर निकालने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

अधिकारी ने कहा, “हमें राज्य की स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना को फिर से बेहतर बनाना होगा। मैं सभी से इसके लिए एकजुट होने की अपील करता हूं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पहल लागू करने की कोशिश करते समय उन्हें लगातार उस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जिसे उन्होंने बरसों से चले आ रहे “प्रशासनिक पतन” का नतीजा बताया।

अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की एक टिप्पणी का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, “(ज्योति) बसु ने कहा था कि वे जहां भी काम शुरू करना चाहते थे, उन्हें पता चलता था कि डॉ. रॉय ने पहले ही उसकी नींव रख दी है। मेरी स्थिति इसके उलट है। मैं जहां भी काम शुरू करना चाहता हूं, मुझे बर्बादी ही मिलती है।”

भाषा प्रशांत रंजन

रंजन


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