गुरुग्राम में बंगाल की महिला को बंधक बना 16 घंटे काम करने को मजबूर किया गया, शिकायत पर छुड़ाया

गुरुग्राम में बंगाल की महिला को बंधक बना 16 घंटे काम करने को मजबूर किया गया, शिकायत पर छुड़ाया

गुरुग्राम में बंगाल की महिला को बंधक बना 16 घंटे काम करने को मजबूर किया गया, शिकायत पर छुड़ाया
Modified Date: June 13, 2026 / 08:14 pm IST
Published Date: June 13, 2026 8:14 pm IST

कोलकाता, 13 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल की एक महिला को हरियाणा के गुरुग्राम के एक फ्लैट से मुक्त कराया है, जहां उसे कथित तौर पर दो साल से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया था, रोज 16 घंटे घरेलू काम करने पर मजबूर किया गया और शारीरिक प्रताड़ना भी दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बीरभूम जिले की निवासी 39 वर्षीया भादु मांडी को शुक्रवार को गुरुग्राम जिला प्रशासन, पुलिस, नागरिक समाज संगठनों और अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई के बाद छुड़ाया गया।

अधिकारी ने बताया कि महिला को 40,000 रुपये के अग्रिम भुगतान के बाद घरेलू सहायिका के तौर पर गुरुग्राम ले जाया गया था।

पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘वहां उसे कथित तौर पर रोजाना 16 घंटे से अधिक समय तक काम करने पर मजबूर किया गया और शारीरिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया।’’

उन्होंने बताया कि फ्लैट आधुनिक डिजिटल सुरक्षा प्रणाली से लैस था, जिसके कारण महिला घर पर अपनी पीड़ा नहीं बता पाई। आरोप है कि उसे परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी।

यह मामला इसी साल मार्च में तब सामने आया जब भादु मांडी की बहन लक्ष्मी टुडू ने यहां अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई।

परिजनों के अनुसार एक तकनीशियन मरम्मत के काम के लिए फ्लैट में आया था, उसकी मदद से भादु ने अपने परिवार से संपर्क किया। इस मौके का फायदा उठाते हुए उसने परिवार को आपबीती बताई और मदद मांगी।

इस जानकारी के आधार पर गैर सरकारी संगठन ‘नारी ओ शिशु कल्याण केंद्र’ ने परिवार से विस्तृत जानकारी ली और उसकी रिहाई के लिए सरकारी एजेंसियों से तालमेल बिठाया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और श्रम विभाग को भी इसमें शामिल किया गया। जांच के बाद श्रम विभाग ने इसे बंधुआ मजदूरी का मामला माना और बीरभूम जिलाधिकारी को तुरंत हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया।

जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर इलामबाजार थाने में शिकायत दर्ज की गई और बंधित श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम, 1976 तथा भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम गुरुग्राम पहुंची और भादु को छुड़ाया। बचाव अभियान के दौरान फ्लैट के मालिक वहां नहीं थे और उनके दरवाजे पर नोटिस चिपकाकर उन्हें स्थानीय पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘बचाव अभियान स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से चलाया गया। मामले में जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

उन्होंने बताया कि भादु के रविवार को वापस लौटने पर यहां पुलिस उसका बयान दर्ज करेगी।

भाषा खारी रंजन

रंजन


लेखक के बारे में